पेयजल सुधार के लिए 1.55 करोड़ का बजट, आठ जोन में बंटेंगे 19-19 लाख, गर्मी से पहले मरम्मत पर सवाल, आउटर में 70 किमी पाइपलाइन अभी बाकी


बिलासपुर। शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम को 1 करोड़ 55 लाख रुपए का बजट मिला है। इस राशि से पाइपलाइन की मरम्मत, लीकेज सुधार और अन्य जरूरी कार्य कराए जाएंगे। निगम प्रशासन ने शहर को आठ जोन में बांटकर प्रत्येक जोन के हिस्से लगभग 19 लाख रुपए तय किए हैं। हालांकि इतने कम बजट में जर्जर पाइपलाइनों की व्यापक मरम्मत संभव है या नहीं, इस पर सवाल उठने लगे हैं।
शहर के कई वार्डों में आए दिन पाइप फटने, लीकेज और पानी की आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। सड़कों पर पानी बहने के बावजूद घरों तक पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पाती। गर्मी नजदीक आने के साथ ही जल संकट गहराने की आशंका भी जताई जा रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में पहले काम कराया जाएगा।
आउटर में 37 करोड़ की योजनाएं अधूरी
शहर के आउटर इलाकों में पेयजल सुधार से जुड़ी करीब 37 करोड़ रुपए की योजनाएं अभी अधूरी हैं। इनमें 28 करोड़ रुपए की लागत से चल रही पेयजल योजना का काम आधा-अधूरा है। अब तक लगभग 25 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि करीब 70 किलोमीटर पाइपलाइन डालना बाकी है। निर्माण की धीमी रफ्तार और फंड में देरी के कारण इस गर्मी तक योजना पूरी होना मुश्किल नजर आ रहा है।
लिंगियाडीह से सकरी तक के क्षेत्रों में इस बार भी जल संकट बने रहने की संभावना है। गर्मी में जलस्तर गिरने से यहां के लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि सुबह-शाम पानी के लिए कतार लगानी पड़ती है।
टंकियों का निर्माण 50 प्रतिशत ही पूरा
नई योजना के तहत लिंगियाडीह, राजकिशोर नगर, खमतराई, बैमा-नगोई और घुरू में एक-एक पानी टंकी तथा सकरी में दो टंकियों का निर्माण किया जा रहा है। निगम के मुताबिक इन टंकियों का करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन मौजूदा गति को देखते हुए गर्मी से पहले कार्य पूरा होना चुनौती बना हुआ है।
सिरगिट्टी को ‘अमृत’ से उम्मीद
सिरगिट्टी क्षेत्र में हर साल गर्मी के दौरान पानी की गंभीर समस्या रहती है। इसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार की अमृत मिशन योजना के तहत बिस्कोना स्थित ट्रीटमेंट प्लांट से सिरगिट्टी तक साढ़े चार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 9 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। फंड में देरी के कारण काम समय पर शुरू नहीं हो सका, लेकिन अब दो माह में पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है।
जल शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी के अनुसार, “सिरगिट्टी में दो माह में पाइपलाइन डाल दी जाएगी, जिसके बाद अमृत मिशन का पानी सीधे संपवेल तक पहुंचेगा। आउटर का 28 करोड़ का प्रोजेक्ट दो साल का है, लेकिन हमारा प्रयास है कि इसे तय समय से पहले पूरा किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।”
फिलहाल शहरवासियों की नजर इस बात पर टिकी है कि सीमित बजट और अधूरी परियोजनाओं के बीच निगम गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था को कितनी दुरुस्त कर पाता है।

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