

बिलासपुर। थाना कोटा क्षेत्र में घर में घुसकर खतरनाक हथियारों से मारपीट करने और सोशल मीडिया पर हथियार लहराते हुए वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त घातक हथियार भी बरामद किए हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 14 दिसंबर 2025 की है। राममंदिर चौक के पास हुए एक विवाद के बाद रात करीब 11 बजे आरोपीगण ने प्रार्थी शुभम श्रीवास के घर में जबरन प्रवेश किया और अश्लील गाली-गलौच करते हुए धारदार व खतरनाक हथियारों से हमला किया। इस हमले में प्रार्थी तथा उसके चाचा को सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद आरोपियों ने पड़ावपारा काली मंदिर के पास खतरनाक हथियार लहराते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर क्षेत्र में भय का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास किया। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना कोटा में धारा 333, 296, 351(2), 115(2), 191(2) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (IPS) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अर्चना झा एवं एसडीओपी कोटा श्रीमती नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोटा निरीक्षक तोप सिंह नवरंग के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
दिनांक 15 दिसंबर 2025 को सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चांद खान (21 वर्ष), निवासी पड़ावपारा, कोटा को धान मंडी कोटा के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त दोमुंहा तबली, लोहे का पाइप, चैन स्प्रोकेट सहित अन्य घातक हथियार गवाहों के समक्ष बरामद कर विधिवत जप्त किए गए।
प्रकरण में एक अपचारी बालक की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसके विरुद्ध किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पृथक से वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड प्राप्त किया गया है। पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की है।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक तोप सिंह नवरंग, प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव तथा आरक्षक दीप कंवर, प्रफुल्ल यादव, संजय श्याम की सराहनीय भूमिका रही।
