

बिलासपुर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने बीट प्रणाली को नई ऊर्जा देते हुए 48 मोटरसाइकिलों को बीट प्रभारियों के लिए तैनात किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन में हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया और अधिकारियों-कर्मचारियों को बीट प्रणाली के तहत उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग की नींव मजबूत बीट व्यवस्था होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों को अलग-अलग बीटों में विभाजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रत्येक बीट प्रभारी अपने क्षेत्र में आपराधिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, सांप्रदायिक, छात्र एवं श्रमिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगा। साथ ही अपराधों की रोकथाम, हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों की निगरानी, नवागंतुकों की जानकारी संकलित करने और स्थानीय नागरिकों से समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
नई व्यवस्था के तहत बीट प्रणाली 24 घंटे शिफ्टवार संचालित होगी। बीट प्रभारियों को उपलब्ध कराई गई मोटरसाइकिलें वायरलेस सेट, सायरन और फ्लैश लाइट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिससे वे त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम होंगे।
एसएसपी ने निर्देश दिए कि बीट प्रभारी नियमित रूप से अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर संवेदनशील स्थानों, स्कूलों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखें। इसके अलावा जुआ, सट्टा, नशा, तस्करी, चोरी, नकबजनी, लूट, चेन स्नैचिंग, छेड़छाड़, गुंडागर्दी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बीट प्रणाली के तहत प्रत्येक बीट प्रभारी को बीट रजिस्टर, बीट डायरी, हिस्ट्रीशीटर एवं गुंडा सूची, जनसंपर्क रजिस्टर, शिकायत एवं सूचना रजिस्टर, किरायेदार सत्यापन रजिस्टर तथा भूमि विवाद रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण अभिलेख नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि बीट प्रणाली में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभागीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। व्यवस्था की नियमित समीक्षा थाना प्रभारी साप्ताहिक, सीएसपी एवं एसडीओपी पाक्षिक तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मासिक स्तर पर करेंगे, जबकि स्वयं एसएसपी इसकी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नई बीट प्रणाली से पुलिस की क्षेत्र में मौजूदगी बढ़ेगी, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और आम नागरिकों के साथ पुलिस का विश्वास एवं समन्वय भी मजबूत होगा।
