
बिलासपुर। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने जिले की 40 से अधिक सरकारी उचित मूल्य दुकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बारिश का पानी दुकानों में घुसने से करीब 200 क्विंटल चावल सहित शक्कर और नमक भी भीग गए। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक करीब 8 लाख रुपये के राशन का नुकसान हुआ है। इससे 12 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के राशन वितरण पर भी असर पड़ने की आशंका है।
खाद्य विभाग के अनुसार अगले महीने के वितरण के लिए राशन पहले ही दुकानों में पहुंच चुका था। अचानक हुई भारी बारिश के कारण कई दुकानों में पानी भर गया और ऊंचाई पर रखी गई तीन-तीन परतों तक चावल की बोरियां भीग गईं। सबसे अधिक नुकसान मस्तूरी, कोटा और शहर के टिकरापारा क्षेत्र की राशन दुकानों में हुआ है।
जानकारी के अनुसार बैमा की एक राशन दुकान में करीब 200 बोरी चावल, टिकरापारा में लगभग 60 बोरी, कोटा के रिसदा में करीब 50 बोरी तथा दवनपुर में 34 बोरी चावल बारिश के पानी से खराब हो गए। मस्तूरी क्षेत्र की पांच से छह राशन दुकानों में भी अनाज को नुकसान पहुंचा है।
नुकसान के बाद प्रभावित राशन दुकान संचालकों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया और बारिश से हुए नुकसान के वीडियो भी दिखाए। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीएम को सर्वे कर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद शासकीय राशन दुकान विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष रवि परयानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर से भी मुलाकात की। खाद्य नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि राशन के सुरक्षित रखरखाव की जिम्मेदारी दुकान संचालकों की होती है, इसलिए नुकसान की भरपाई भी उन्हें ही करनी होगी। हालांकि उपभोक्ताओं को राशन वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इधर, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में भी पानी घुसने की सूचना मिली है। हालांकि वहां हुए नुकसान का आकलन अभी जारी है और अनाज को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि प्रभावित राशन की वास्तविक क्षति का आकलन बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर किया जाएगा। उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
