
बिलासपुर। दो दिनों की झमाझम बारिश ने बिलासपुर जिले में मानसून की कमी पूरी कर दी है। 16 जुलाई तक जहां जिले में सामान्य से 7.6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी, वहीं 18 जुलाई तक औसत वर्षा 383.7 मिमी पहुंच गई है, जो सामान्य से 4.7 प्रतिशत अधिक है। अच्छी बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और अब जिले में बोनी व धान रोपाई के कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
इस वर्ष मानसून की देर से दस्तक के कारण खेती का काम प्रभावित हो रहा था। सिंचाई के साधन वाले किसान किसी तरह धान की नर्सरी तैयार कर रहे थे, जबकि अधिकांश किसान पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे थे। कई क्षेत्रों में बोनी के लिए आवश्यक वर्षा भी नहीं हो पाई थी। हालांकि पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश ने हालात बदल दिए हैं।
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार 16 जुलाई तक जिले में 250.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इसके बाद 17 जुलाई को 74.7 मिमी और 18 जुलाई की सुबह तक 58.6 मिमी वर्षा हुई। इस तरह महज दो दिनों में 133.3 मिमी बारिश होने से जिले की औसत वर्षा बढ़कर 383.7 मिमी पहुंच गई।
कृषि विभाग के उप संचालक पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि खेती का कार्य पहले भी चल रहा था, लेकिन अच्छी बारिश के बाद अब बोनी और रोपाई में तेजी आएगी। जिले में अभी लगभग 40 प्रतिशत बोनी और रोपाई का कार्य शेष है, जिसे आने वाले दिनों में तेजी से पूरा किए जाने की उम्मीद है।
जिले की आठ तहसीलों में सामान्य से अधिक वर्षा
जिले की 12 तहसीलों में से आठ तहसीलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा सकरी तहसील में 475.1 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि कोटा में 432.2 मिमी, बोदरी में 430 मिमी, बिल्हा में 426.9 मिमी और तखतपुर में 396.5 मिमी वर्षा हुई। वहीं बेलतरा में सबसे कम 271.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने 15 घंटे में पांच बार जारी की चेतावनी
लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए मौसम विभाग ने पिछले 15 घंटे के दौरान बिलासपुर सहित आसपास के जिलों के लिए पांच बार भारी बारिश की चेतावनी जारी की। शुक्रवार रात 1 बजे पहला येलो अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद शनिवार सुबह 4 बजे, सुबह 9:19 बजे, दोपहर 1:15 बजे 24 घंटे का ऑरेंज अलर्ट और शाम 4:01 बजे फिर चेतावनी जारी की गई। बिलासपुर के साथ मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई। शनिवार शाम करीब 5 बजे के बाद बिलासपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जिससे जिले में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच गया।
