

बिलासपुर। गुरुवार और शुक्रवार की मूसलाधार बारिश भले ही थम गई हो, लेकिन उसका असर अब शहर में साफ दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में अमृत मिशन और बोरवेल के नलों से मटमैला पानी आने लगा है। वहीं जगह-जगह सड़कें धंस गई हैं, जर्जर मकानों में दरारें पड़ गई हैं और बाउंड्री वॉल गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार बारिश से शहर में कुल 135 घर प्रभावित हुए हैं।
नलों से आ रहा गंदा पानी, लोग खरीद रहे पीने का पानी
बंधवापारा, देवनंदन नगर, गीतांजलि सिटी, विजयपुरम, तिफरा, यदुनंदन नगर और चांटीडीह सहित कई क्षेत्रों में अमृत मिशन के नलों से मिट्टी मिला गंदा पानी आ रहा है। निजी बोरवेल का पानी भी मटमैला हो गया है। कई परिवारों के लिए यह पानी पीने और भोजन बनाने योग्य नहीं रह गया है। ऐसे में लोगों को बाजार से पीने के पानी के जार खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।

तोरवा, मगरपारा और सरकंडा में सड़कें धंसीं
लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पावर हाउस चौक, मगरपारा स्थित अंबेडकर स्कूल के पास तथा सरकंडा के पेठा कारखाना क्षेत्र में सड़क धंसने से बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क के नीचे की मिट्टी बह जाने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
जर्जर मकानों और बाउंड्री वॉल को भी नुकसान
बारिश के चलते ईदगाह चौक के पास एक जर्जर भवन का हिस्सा दरक गया, जबकि मध्यनगरीय चौक के पास एक पुराने मकान का छज्जा गिर पड़ा। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं तोरवा स्थित श्री गणेश एन्क्लेव कॉलोनी के प्रवेश द्वार के पास बाउंड्री वॉल भी भरभराकर गिर गई। शहर के अलग-अलग इलाकों में कई अन्य बाउंड्री वॉल गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
135 घर प्रभावित, बंधवापारा में दूसरे दिन भी भरा रहा पानी
बारिश से हुए नुकसान को लेकर बिलासपुर अनुभाग की रिपोर्ट में 55 घरों के प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है, जबकि नगर निगम की रिपोर्ट में 80 घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है। इस तरह कुल 135 घर प्रभावित हुए हैं। बंधवापारा में कई घरों में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा, जिससे प्रभावित परिवार दिनभर पानी निकालने में जुटे रहे।
रेड अलर्ट के बीच प्रशासन सतर्क, छुट्टियां रद्द
अगले 48 से 72 घंटे के लिए भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं तथा बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है।
कलेक्टर ने सभी विभागों को 24 घंटे उपलब्ध रहकर राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम को जल निकासी, पुलिस को संवेदनशील मार्गों पर बैरिकेडिंग, जल संसाधन विभाग को बांधों की निगरानी, स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल एवं एम्बुलेंस तैयार रखने तथा बिजली विभाग को फॉल्ट सुधार दल चौबीसों घंटे तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
