
बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र से वर्ष 2024 में चोरी हुई एक स्कूटी का सुराग दो साल बाद भी पुलिस नहीं लगा सकी। मामला खात्मे में डाल दिया गया, लेकिन अब वही स्कूटी शहर में ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हुए कैमरों में कैद हो गई। हैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी ई-चालान वाहन के पंजीकृत मालिक के घर पहुंच रहा है। इससे परेशान पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर स्कूटी बरामद करने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मुंगेली निवासी स्वप्निल पांडेय की सफेद रंग की हीरो मेस्ट्रो एज स्कूटी (क्रमांक सीजी 28 ई 0796) 19 सितंबर 2024 की रात सरकंडा थाना क्षेत्र के देहानपारा स्थित नंद निवास हॉस्टल के पास से चोरी हो गई थी। शिकायत के बाद सरकंडा पुलिस ने 21 सितंबर 2024 को अपराध क्रमांक 1136/2024 दर्ज किया, लेकिन न तो स्कूटी बरामद हुई और न ही आरोपी का पता चल सका। बाद में पुलिस ने मामले को खात्मे में डाल दिया।
अब हालात ऐसे हैं कि चोरी की वही स्कूटी शहर में खुलेआम चल रही है। 15 जुलाई को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन का ई-चालान जारी हुआ, जो पंजीकृत मालिक के नाम पर उनके घर पहुंचा। इससे पहले भी ऐसे चालान प्राप्त हो चुके हैं। चालान के साथ संलग्न कैमरे की तस्वीर में स्कूटी चला रहा युवक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, लेकिन उसकी पहचान कर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
स्वप्निल पांडेय वर्तमान में हैदराबाद स्थित भारत डायनेमिक्स लिमिटेड में कार्यरत हैं। उन्होंने एसएसपी रजनेश सिंह को दिए आवेदन में बताया कि स्कूटी उनके पिता रामानंद पांडेय के नाम पर पंजीकृत है। उनका कहना है कि यदि चोरी की इस स्कूटी का उपयोग किसी आपराधिक घटना में किया जाता है, तो शुरुआती जांच में वाहन मालिक को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और स्कूटी बरामद करने की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने मामले को तत्काल सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आईटीएमएस पर भी उठे सवाल
इस घटना ने शहर के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तकनीकी जानकारों का कहना है कि यदि आईटीएमएस को चोरी हुए वाहनों के डेटाबेस से जोड़ा गया होता, तो कैमरे में वाहन आते ही कंट्रोल रूम में स्वतः अलर्ट जारी हो सकता था। इससे पुलिस मौके पर ही वाहन और उसे चला रहे व्यक्ति को पकड़ने की कार्रवाई कर सकती थी। फिलहाल इस तरह का इंटीग्रेशन नहीं होने से सिस्टम केवल ट्रैफिक उल्लंघन का चालान जारी कर रहा है, जबकि चोरी के वाहन शहर में बेखौफ घूम रहे हैं।
थाना प्रभारी ने कहा
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। एसीसीयू से संबंधित वीडियो फुटेज मंगाई गई है। आवश्यक जानकारी मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
