
शशि मिश्रा

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस द्वारा शनिवार को एक टोल फ्री नंबर जारी कर नागरिकों से जिले में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की सूचना देने की अपील की गई है। इसी बीच सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक नगर स्थित अटल आवास में हुई मारपीट और आगजनी की घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने वहां रहने वाले कुछ आरोपियों की पहचान और वैध दस्तावेजों की जांच कराने की मांग उठाई है।
छेड़छाड़ के विरोध पर मारपीट का आरोप
रघुविहार निवासी वेद प्रकाश शर्मा उर्फ सोम शर्मा का आरोप है कि उनकी बहन इंदु शर्मा के साथ अशोक नगर अटल आवास में रहने वाले कुछ युवकों द्वारा लगातार छेड़छाड़ की जा रही थी। उनका कहना है कि युवकों द्वारा फोन पर भी अश्लील बातें कर परेशान किया जाता था और बार-बार कॉल किए जाते थे।

इसी मामले में समझाइश देने के लिए वेद प्रकाश शर्मा अपने मित्र सौरभ करोसिया के साथ अटल आवास पहुंचे। वहां गुड्डू शेख, समीर खान, सलमान शेख तथा उनके अन्य साथियों ने दोनों पर हमला कर दिया।
उसी दौरान वहां से गुजर रही इंदु शर्मा की कार पर भी हमला किया गया और वाहन में तोड़फोड़ की गई।
स्कूटी में आग लगाने का भी आरोप
वेद प्रकाश शर्मा का आरोप है कि मारपीट की शिकायत सरकंडा थाने में किए जाने के बाद देर रात उनकी स्कूटी में आग लगा दी गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। उन्होंने इस घटना को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। साथ ही उन्होंने बताया कि मारपीट और स्कूटी में आग लगाने की घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। अगर पुलिस सही ढंग से पड़ताल करें तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।

पहचान और दस्तावेजों की जांच की मांग
वेद प्रकाश शर्मा का कहना है कि मारपीट के दौरान आरोपी आपस में ऐसी भाषा में बातचीत कर रहे थे जिसे वे समझ नहीं पाए। इसी आधार पर उन्होंने संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस से आरोपियों की नागरिकता, पहचान और वैध दस्तावेजों की जांच कराने की मांग भी की है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा है या उसके दस्तावेज संदिग्ध हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गंभीर शिकायतों के बावजूद आरोपियों के विरुद्ध अपेक्षित सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि मारपीट, महिलाओं से छेड़छाड़, वाहन में तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाओं के बावजूद पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं दिख रही है।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि इस मामले को लेकर वे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक शामिल हैं, को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे।
पुलिस ने नागरिकों से मांगी है सूचना
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर पुलिस ने हाल ही में एक टोल फ्री नंबर जारी कर नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति रोहिंग्या या बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में अवैध रूप से रह रहा हो, तो उसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि वैधानिक जांच की जा सके।
इस बीच अशोक नगर की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि इस प्रकरण में नामजद आरोपियों के विरुद्ध दर्ज शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि उनकी पहचान, नागरिकता या दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह है, तो उसका सत्यापन भी विधिसम्मत तरीके से कराया जाए।
