
बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के औरापानी डैम में मिले 32 वर्षीय युवक ऋषभ देव सिंह के शव के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के पिता ने बेटे की मौत को हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सरकंडा के बंगाली पारा, गली नंबर-4 निवासी ओमप्रकाश सिंह ने शिकायत में बताया कि उनका इकलौता बेटा ऋषभ देव सिंह 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे दोस्तों के बुलाने पर उनके साथ गया था। अगले दिन सुबह उसके दोस्त विवेक उर्फ विनय ने फोन कर सूचना दी कि ऋषभ औरापानी डैम में डूब गया है।
ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि जब वे घटनास्थल पहुंचे तो बेटे का शव पानी और कीचड़ के बीच बैठी हुई अवस्था में मिला। शव के एक हाथ में चश्मा और कलाई पर घड़ी बंधी हुई थी। उनका कहना है कि शव की स्थिति देखकर ऐसा नहीं लगा कि डूबने से पहले उसने खुद को बचाने की कोई कोशिश की हो। इसी आधार पर उन्होंने बेटे की हत्या कर शव को डैम में फेंके जाने की आशंका जताई है।
जांच पर भी उठाए सवाल
मृतक के पिता ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद भी पुलिस ने अब तक ऋषभ का मोबाइल फोन, कपड़े और अन्य सामान जब्त नहीं किए हैं। साथ ही जिस कार से वह अपने दोस्तों के साथ डैम गया था, उसे भी जब्त नहीं किया गया। उन्होंने मामले में शामिल सभी युवकों से गहन पूछताछ और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है।
राकेश साहू से विवाद का किया उल्लेख
शिकायत में ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि ऋषभ के साथ डैम जाने वालों में विवेक उर्फ विनय, पंकज त्रिपाठी, अभिषेक जायसवाल, कुशल टिकुमानंद, श्रेष्ठ बर्डे, बिट्ट अली, राकेश साहू और दीपक जायसवाल शामिल थे। उनका कहना है कि पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि कुछ समय पहले ऋषभ का राकेश साहू से विवाद हुआ था। इसी आधार पर उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर शव को डैम में फेंका गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
