

बिलासपुर। महाप्रभु जगन्नाथ 15 दिनों के अनवसर (विश्राम) के बाद स्वस्थ होकर गुरुवार को भक्तों को दर्शन देने और नगर भ्रमण के लिए रथयात्रा पर निकलेंगे। रेलवे परिक्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर से दोपहर 2 बजे 20 फीट ऊंचे सुसज्जित रथ पर सवार होकर भगवान नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु रथ खींचेंगे और विभिन्न स्थानों पर भगवान का स्वागत किया जाएगा।

रथयात्रा से एक दिन पहले बुधवार को भगवान के रथ की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूजन संपन्न हुआ। वहीं जगन्नाथ मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। मौसी मां का घर माने जाने वाले गुंडिचा मंदिर को इस बार कोणार्क मंदिर की तर्ज पर विशेष रूप से सजाया गया है।
गुरुवार सुबह मंदिर में मंगल आरती, सूर्य पूजा, द्वारपाल पूजा, नवग्रह पूजा और हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो चुके हैं। दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक पहंडी की रस्म होगी, जिसमें महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को गर्भगृह से बाहर लाकर विशेष श्रृंगार के बाद रथ पर विराजमान कराया जाएगा।

दोपहर 2 बजे रथयात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा तितली चौक, तारबाहर चौक, टैगोर चौक, गांधी चौक, दयालबंद और तोरवा होते हुए करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर गुंडिचा मंदिर पहुंचेगी। शाम करीब 6:30 बजे महाप्रभु मौसी मां के घर पहुंचेंगे, जहां वे 24 जुलाई तक विश्राम करेंगे।
रथयात्रा के दौरान पारंपरिक छेरा पहरा की रस्म एसईसीएल के डायरेक्टर (टेक्निकल, पी एंड पी) रमेशचंद्र मोहपात्रा निभाएंगे। यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत, जलपान और पुष्पवर्षा की व्यवस्था की गई है।
गुंडिचा मंदिर में 17 से 23 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद 24 जुलाई को भगवान की बहुड़ा यात्रा निकाली जाएगी।
शहर में सौ वर्ष से अधिक पुरानी रथयात्रा की परंपरा के तहत परासर मंदिर से शाम 4 बजे भगवान की बग्गी यात्रा निकलेगी। वहीं जूना बिलासपुर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से बैलगाड़ी के माध्यम से तथा गोंड़पारा स्थित दर्जी मंदिर से भी रथयात्रा निकाली जाएगी। तीनों यात्राएं व्यंकटेश मंदिर पहुंचेंगी, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भेंट अर्पित कर भगवान को विदाई दी जाएगी।
रथयात्रा के सफल आयोजन के लिए एलपी नायक, एसके सारंगी, शिखर नायक, प्रशांत बेहरा, बीके पंडा, अजीत दास सहित आयोजन समिति के सदस्य तैयारियों में जुटे हुए हैं।
