
बिलासपुर। जिले के कोटा थाना क्षेत्र की बेलगहना चौकी पुलिस ने छठी कार्यक्रम के दौरान युवक की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की, फिर उसे सीसी रोड पर घसीटते हुए घर के पास छोड़ दिया। गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक ग्राम कसईबहरा निवासी अमर सिंह पेन्द्रो 7 जुलाई की शाम पड़ोसी के घर आयोजित छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इसी दौरान गांव के रोहित पोर्ते (30), दीपक पोर्ते (23) और प्रदीप वाकरे (21) ने उस पर शराब पीकर कार्यक्रम का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर तीनों ने मिलकर अमर सिंह की बेरहमी से पिटाई कर दी।
जांच में सामने आया कि देर रात आरोपी दोबारा पहुंचे और अमर सिंह को कार्यक्रम स्थल से खींचते हुए करीब 60-65 मीटर दूर उसके घर के पास तक घसीटकर छोड़ गए। मारपीट में उसके कुल्हे, कमर और पैरों में गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं। मृतक ने घर पहुंचकर पत्नी और बच्चों को घटना की जानकारी दी और आराम करने चला गया। रात में भोजन के लिए जगाने पर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) माधुलिका सिंह एवं एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में एफएसएल टीम की मौजूदगी में जांच की गई।
विवेचना के दौरान तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। साक्ष्यों, गवाहों के बयान, पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर तीनों के विरुद्ध धारा 103(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक बी.एन. बनाफर, सहायक उपनिरीक्षक भरतलाल राठौर, आरक्षक संजय कश्यप, रविकुमार कंवर, रविकुमार यादव तथा एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
