

बिलासपुर। ट्रेन यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री रेलवे आरक्षण काउंटर से लिया गया अपना कन्फर्म टिकट घर पर भूल जाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे ने ऐसे यात्रियों के लिए एक व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत टिकट का सत्यापन होने के बाद बिना किसी जुर्माने के यात्रा जारी रखी जा सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि यात्री काउंटर से जारी वैध आरक्षित (पीआरएस) टिकट घर पर भूल गया है और ट्रेन में सवार हो चुका है, तो उसे सबसे पहले ट्रेन में मौजूद टीटीई को इसकी जानकारी देनी चाहिए। इसके बाद अपने परिजनों से उस स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास मूल टिकट पहुंचाने के लिए कहना होगा, जहां से यात्रा शुरू हुई थी।
स्टेशन मास्टर टिकट का सत्यापन कर रेलवे के सिस्टम के माध्यम से संबंधित ट्रेन स्टाफ और आगे के स्टेशन को इसकी आधिकारिक सूचना भेजेंगे। सत्यापन की पुष्टि होने के बाद टीटीई यात्री से किसी प्रकार का जुर्माना नहीं वसूलेगा और उसे यात्रा जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।
रेलवे का कहना है कि यह सुविधा केवल उन यात्रियों के लिए है, जिनके पास रेलवे आरक्षण काउंटर से जारी वैध पीआरएस टिकट है, लेकिन वह गलती से घर पर छूट गया है। इसका उद्देश्य वास्तविक यात्रियों को अनावश्यक परेशानी और जुर्माने से बचाना है।
पहले लग जाता था जुर्माना
इस व्यवस्था से पहले यदि कोई यात्री काउंटर टिकट साथ नहीं रखता था, तो टीटीई उसे बिना टिकट यात्री मानते हुए रेलवे अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करता था और नियमानुसार जुर्माना भी वसूला जाता था। अब सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर ऐसे यात्रियों को राहत मिल सकती है।
यात्रियों के लिए जरूरी बातें
- यह सुविधा केवल रेलवे आरक्षण काउंटर से जारी पीआरएस टिकट पर लागू है।
- आईआरसीटीसी से बुक किए गए ई-टिकट के लिए इसकी आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ई-टिकट मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यम से मान्य है।
- टिकट भूलने का पता चलते ही ट्रेन में मौजूद टीटीई को तुरंत सूचना दें, ताकि सत्यापन की प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।
- किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए रेलवे की 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन 139 पर संपर्क किया जा सकता है।
