

बिलासपुर। नगर निगम ने बकाया किराया वसूली अभियान के तहत शुक्रवार को तिफरा स्थित हाईटेक बस स्टैंड में बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 बस संचालकों के कार्यालय सील कर दिए। इन संचालकों पर वर्ष 2022 से अब तक करीब 1.67 करोड़ रुपये का किराया बकाया है। कई बार नोटिस जारी करने और भुगतान के लिए पर्याप्त समय देने के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर निगम के जोन क्रमांक-2 की टीम ने राजस्व एवं अतिक्रमण अमले के साथ सीलिंग की कार्रवाई की।
शुक्रवार सुबह निगम की टीम बस स्टैंड पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत एक-एक कर कार्यालयों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान बस संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ संचालकों ने राहत देने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि पूरी बकाया राशि जमा होने के बाद ही सील हटाई जाएगी।

नगर निगम के अनुसार संबंधित कार्यालयों पर 7 लाख से लेकर 23 लाख रुपये तक का किराया बकाया है। अधिकांश संचालकों ने वर्ष 2022 के बाद नियमित रूप से किराया जमा नहीं किया, जिससे ब्याज सहित बकाया राशि लगातार बढ़ती गई और निगम को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि सार्वजनिक संपत्तियों से मिलने वाला किराया नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी राशि से सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं का संचालन एवं विकास किया जाता है। इसलिए बड़े बकायेदारों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि तिफरा हाईटेक बस स्टैंड के बाद निगम के अन्य बाजारों और व्यावसायिक परिसरों के बकायेदारों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
इन बस संचालकों के कार्यालय हुए सील
कार्रवाई के दायरे में सोहेल शर्मा (वंदे भारत बस सर्विस), शहनवाज खान, अली अहमद (राजधानी बस सर्विस), अरुण लाट (सर्वमंगला बस सर्विस), जितेंद्र यादव, हनुमान ट्रैवल्स, अली राजा (कैपिटल बस सर्विस), गुरदीप सिंह (कस्तूरिया बस सर्विस), नीलिमा दुबे (दुबे ट्रैवल्स), इश्तियाक अहमद (आदर्श बस सर्विस), भोला प्रसाद (आशीष ट्रैवल्स), शिव ठाकुर, भंजन सिंह (यश एवं हितेश ट्रैवल्स), हरवेश सिंह जुनेजा (जुनेजा बस सर्विस), नीरज राय (रितिका बस सर्विस), अखिलेश पाठक, लक्की यादव तथा राकेश खुरेज (जयेश बस सर्विस) शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधाओं पर भी पड़ा असर
नगर निगम का कहना है कि लंबे समय से किराया नहीं मिलने के कारण बस स्टैंड के रखरखाव पर भी असर पड़ा है। परिसर में गंदगी, टूटी कुर्सियां, गंदे शौचालय और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। निगम ने बस स्टैंड के उन्नयन के लिए करीब 1.95 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है, जिसमें मरम्मत, रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था, प्रतीक्षालय और पेयजल सुविधाओं का विकास शामिल है।
अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि बकाया राशि जमा नहीं करने पर तिफरा हाईटेक बस स्टैंड की 19 दुकानों एवं कार्यालयों को सील किया गया है। सभी बकायेदारों से पूर्ण भुगतान होने के बाद ही सील हटाई जाएगी।
