

बिलासपुर, 16 जून। जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने की पहल शुरू कर दी है। यातायात पुलिस द्वारा मंगलवार को सरकंडा स्थित ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में “यातायात की पाठशाला” का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा मानकों और दुर्घटना रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान एएसपी करियारे ने कहा कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षा मानकों के प्रति सजग रहना चाहिए।

यातायात विभाग के मास्टर ट्रेनर एवं पूर्व उपनिरीक्षक उमाशंकर पांडे ने विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, सड़क पर सुरक्षित चलने के नियमों, दुर्घटनाओं के कारणों और उनके निवारण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना तथा आईटीएमएस प्रणाली की भी जानकारी देते हुए कहा कि यदि बच्चे संकल्प लें तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को यातायात पुलिस बिलासपुर का “ब्रांड एंबेसडर” बनाया गया। उन्हें अपने आसपास यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों, विशेषकर नशे में वाहन चलाने वालों एवं लापरवाहीपूर्वक ड्राइविंग करने वालों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों के माध्यम से आम नागरिकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, मोबाइल का उपयोग करते हुए ड्राइविंग से बचने, रॉन्ग साइड वाहन न चलाने, गति सीमा का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के दुष्परिणामों पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना न केवल खतरनाक है बल्कि ऐसी स्थिति में अभिभावकों को भी कानूनी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
इस अवसर पर यातायात सड़क सुरक्षा समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक श्रीवास्तव, विद्यालय की प्राचार्य निवेदिता सरकार, दिव्या राजपूत सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। विद्यालय की प्राचार्य निवेदिता सरकार ने यातायात पुलिस की इस पहल को सराहनीय और अनुकरणीय बताया।
