अकेली बुजुर्ग महिला से पंच ने की 23 लाख की ठगी, सवा 6 एकड़ जमीन हड़पने का भी आरोप, 87 वर्षीय महिला ने मांगी इच्छामृत्यु

बिलासपुर। सुशासन शिविर में गुरुवार को एक 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने न्याय नहीं मिलने से परेशान होकर इच्छामृत्यु की मांग कर दी। ग्राम पंचायत बेलगहना निवासी बालकुंवर बसोर ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 23 लाख रुपए निकाल लिए और करीब सवा 6 एकड़ कृषि भूमि अपने नाम करा ली। चार वर्षों से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर उन्होंने इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है।

पीड़िता बालकुंवर बसोर, पति स्वर्गीय गंगाराम बसोर ने बताया कि पति और दोनों बेटों के निधन के बाद वह अकेली रह गई थीं। इसी दौरान केंदा निवासी भाजपा समर्थित पंच फागुन प्रसाद प्रजापति उर्फ मोनू ने उनकी मदद करने और बैंक संबंधी कार्य कराने का भरोसा जीत लिया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने केवाईसी कराने के बहाने 14 दिसंबर 2021 को उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से 23 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत लूफा स्थित खसरा नंबर 763 एवं 991/2 की लगभग 2.5 हेक्टेयर (करीब 6.18 एकड़) कृषि भूमि भी धोखाधड़ीपूर्वक अपने नाम दर्ज करा ली गई। इसके अलावा घर में रखा सोना-चांदी भी ले जाने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

पीड़िता और उनके परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेलगहना चौकी, एसडीओपी कार्यालय कोटा और एसपी कार्यालय बिलासपुर में कई बार शिकायत की, लेकिन न्याय नहीं मिला। महिला ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक जांच के नाम पर मामले को टालने के बाद पुलिस ने इसे हस्तक्षेप अयोग्य बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन (फैना) पेश कर दिया और कोर्ट जाने की सलाह दी।

महिला और उनके परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर आरोपी पक्ष से सांठगांठ का भी आरोप लगाया है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आईजी कार्यालय पहुंचकर लगाई गुहार

गुरुवार को बालकुंवर बसोर आईजी कार्यालय पहुंचीं और अपनी शिकायत सौंपने का प्रयास किया। आईजी से मुलाकात नहीं होने पर उन्होंने डीएसपी विवेक शर्मा को ज्ञापन सौंपा। आवेदन में उन्होंने न्याय दिलाने के साथ-साथ इच्छामृत्यु की मांग का भी उल्लेख किया है।

डीएसपी विवेक शर्मा ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जान से मारने की धमकी देने का आरोप

अपने आवेदन में बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम प्रभाव और पहुंच का दावा करते हुए कार्रवाई नहीं होने की बात कहता है। इससे वह भय और मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रही हैं।

न्याय की आस में चार वर्षों से अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही बुजुर्ग महिला ने अब प्रशासन से अंतिम गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि उनकी जमीन और रकम वापस नहीं दिलाई जा सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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