
सकरी। ग्राम संबलपुरी के एक किसान ने राजस्व विभाग के एक अधिकारी पर सीमांकन के एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। किसान ने सुशासन शिविर में आवेदन देकर चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उसकी भूमि का सीमांकन नहीं किया गया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होगा।
जानकारी के अनुसार ग्राम संबलपुरी निवासी किसान गौरीशंकर सूर्यवंशी ने अपनी संयुक्त स्वामित्व वाली भूमि खसरा नंबर 43 एवं 25 के सीमांकन के लिए 22 जनवरी 2026 को तहसीलदार न्यायालय सकरी में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन पर सुनवाई करते हुए तहसीलदार ने उसी दिन राजस्व निरीक्षक पेंडारी अखिलेश साहू को सीमांकन कर 6 फरवरी तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
किसान का आरोप है कि आदेश जारी होने के लगभग चार माह बाद भी सीमांकन की कार्रवाई पूरी नहीं की गई। उसने बताया कि कई बार राजस्व निरीक्षक से संपर्क करने पर उन्हें काम की व्यस्तता का हवाला देकर टाल दिया गया। किसान का आरोप है कि सीमांकन कार्य के बदले उससे 15 हजार रुपये की मांग की गई।
गौरीशंकर सूर्यवंशी का कहना है कि 22 अप्रैल को उसे मौके पर बुलाया गया, जहां दोबारा पैसों की मांग की गई। रिश्वत देने से इनकार करने पर बिना सीमांकन किए अधिकारी वापस लौट गए। किसान ने इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार एवं संभाग आयुक्त को भी शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुशासन शिविर में दिए गए आवेदन में किसान ने मांग की है कि उसकी भूमि का शीघ्र सीमांकन कराया जाए तथा रिश्वत मांगने के आरोप की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसान ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाएगा।
मामले को लेकर प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
