
बिलासपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती और अधिकारियों द्वारा फोन रिसीव नहीं करने की शिकायतों पर बिजली विभाग के ईडी ए.के. अम्बस्थ ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को तिफरा स्थित कार्यालय में ग्रामीण क्षेत्र के 24 वितरण केंद्रों के एई (सहायक अभियंता) और जेई (कनिष्ठ अभियंता) की समीक्षा बैठक लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान ईडी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली बंद होने से ज्यादा शिकायतें अधिकारियों द्वारा फोन अटेंड नहीं करने की मिल रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही क्षेत्र से बार-बार शिकायतें क्यों आ रही हैं। ईडी ने अधिकारियों से कहा कि यदि वे उपभोक्ताओं के फोन ही रिसीव नहीं करेंगे, तो क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं और मैदानी स्थिति की जानकारी कैसे मिलेगी।
कुछ अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि एक ही इलाके से कुछ लोग बार-बार फोन करते हैं, जिससे काम प्रभावित होता है। इस पर ईडी ने दो टूक कहा कि यदि समस्या का समाधान समय पर नहीं होगा तो लोग दोबारा फोन करेंगे ही। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी कारणवश कॉल रिसीव नहीं हो पा रही है, तो कम से कम मैसेज के माध्यम से उपभोक्ताओं को सही स्थिति की जानकारी दी जाए।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक केबल जलने की समस्या सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगभग 400 स्थानों पर केबल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। कहीं 50 मीटर तो कहीं 100 मीटर तक केबल जले हैं, जबकि अधिकांश स्थानों पर 15 से 20 मीटर तक नुकसान हुआ है। इसके अलावा कंडक्टर और ट्रांसफार्मर की कमी सहित अन्य तकनीकी समस्याएं भी बैठक में रखी गईं।
ईडी ने सभी अधिकारियों से आवश्यक सामग्रियों की सूची लिखित में मांगी और अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े को निर्देश दिए कि फील्ड स्टाफ को जल्द आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने सभी एई और जेई को चेतावनी देते हुए कहा कि अब लापरवाही और बहानेबाजी नहीं चलेगी। अधिकारियों को फील्ड में रहकर समस्याओं का समय सीमा के भीतर समाधान करना होगा, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य अभियंता परसराम साहू, अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े तथा कार्यपालन यंत्री अनुपम सरकार भी उपस्थित रहे।
