पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ,,,,

संवाददाता/ सौरभ साहू
दिनांक,24/05/2026,
अम्बिकापुर, जिला सरगुजा छत्तीसगढ़।।

सरगुजा/अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ प्रदेश में आधुनिक कानून व्यवस्था और वैज्ञानिक अपराध अनुसंधान को नई मजबूती प्रदान करते हुए पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तकनीक आधारित सुशासन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत अपराध अनुसंधान प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव होगी और अपराधों की जांच पहले से अधिक सटीक, तेज एवं विश्वसनीय बन सकेगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन पुलिस विभाग के लिए चलती-फिरती वैज्ञानिक प्रयोगशाला की तरह कार्य करेगी। इससे साक्ष्य संग्रहण, संरक्षण और प्रारंभिक परीक्षण तुरंत घटनास्थल पर ही किया जा सकेगा, जिससे जांच में लगने वाला समय कम होगा तथा साक्ष्यों के नष्ट या दूषित होने की संभावना भी घटेगी।

अपराध अनुसंधान में आएगा बड़ा बदलाव

मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से अपराध जांच प्रणाली को नई गति मिलेगी। अब पुलिस को प्राथमिक वैज्ञानिक परीक्षण के लिए लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। घटनास्थल पर ही डिजिटल दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट परीक्षण और अन्य तकनीकी जांच संभव हो सकेगी। इससे गंभीर अपराधों की जांच अधिक प्रभावी होगी और न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार वैज्ञानिक साक्ष्य किसी भी अपराध की जांच में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई बार घटनास्थल से साक्ष्य प्रयोगशाला तक पहुंचाने में देरी होने के कारण उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो जाती थी। मोबाइल फॉरेंसिक वैन इस चुनौती का प्रभावी समाधान साबित होगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है मोबाइल फॉरेंसिक वैन

यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकों से सुसज्जित है। इसमें घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नारकोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट सिस्टम, हाई रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी उपकरण, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके अतिरिक्त वैन में कंप्यूटर आधारित डेटा विश्लेषण प्रणाली, डिजिटल रिकॉर्डिंग व्यवस्था और सुरक्षित साक्ष्य संरक्षण सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे हत्या, सड़क दुर्घटना, साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा अन्य गंभीर मामलों में मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो सकेगा।

साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मिलेगा नया बल

राज्य सरकार का उद्देश्य अपराध अनुसंधान को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना तथा न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोषियों के खिलाफ मजबूत प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकेंगे और निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
यह प्रदेश में कानून व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों के मन में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।

तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य सरकार लगातार पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बना रही है, ताकि नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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