तारबाहर उपचुनाव:  दो हार के बाद भी भाजपा ने तीसरी बार मधुसूदन राव पर लगाया दांव, 1 जून को होगा मतदान

बिलासपुर। नगर निगम के तारबाहर वार्ड क्रमांक 29 के उपचुनाव को लेकर भाजपा ने आखिरकार अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने लगातार तीसरी बार वी. मधुसूदन राव पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने रविवार देर शाम कोर कमेटी के निर्देश पर उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की।

वी. मधुसूदन राव इससे पहले वर्ष 2014 और 2025 में भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। 2014 में उन्हें कांग्रेस के एसडी कार्टर रेड्डी से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2025 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शेख असलम ने उन्हें पराजित किया था। लगातार दो हार के बावजूद भाजपा ने इस बार भी प्रत्याशी नहीं बदला और एक बार फिर मधुसूदन राव पर भरोसा जताया है।

भाजपा के लिए यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वार्ड क्रमांक 29 अब तक पार्टी के लिए अभेद किला साबित हुआ है। भाजपा यहां आज तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है। इसी को देखते हुए इस बार प्रत्याशी चयन को लेकर संगठन ने विशेष रणनीति बनाई थी। इसके लिए गठित हाईप्रोफाइल कोर ग्रुप में केंद्रीय राज्य मंत्री , उप मुख्यमंत्री , शहर के तीन विधायक, जिलाध्यक्ष और जिला महामंत्री शामिल थे। सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों पर मंथन के बाद सभी नेताओं ने मधुसूदन राव के नाम पर सहमति बनाई।

मधुसूदन राव सोमवार 18 मई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान भाजपा शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी कर रही है। सामान्य सीट वाले इस वार्ड में इस बार भी मुकाबला कांटे का माना जा रहा है। मतदान 1 जून को होगा, जबकि मतगणना 4 जून को की जाएगी।

41 साल से कांग्रेस का गढ़ बना हुआ है तारबाहर

तारबाहर वार्ड का राजनीतिक इतिहास कांग्रेस के पक्ष में रहा है। वर्ष 1984 में नगर निगम गठन के बाद से अब तक हुए 10 चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने लगातार जीत दर्ज की है। मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके में मुस्लिम, ईसाई, सामान्य वर्ग और ओबीसी मतदाताओं का प्रभाव माना जाता है।

इस राजनीतिक गढ़ की नींव स्वर्गीय ने रखी थी, जो 1984 से 1999 तक लगातार पार्षद रहे। इसके बाद कांग्रेस की ओर से शारदा विश्वकर्मा, चंद्रभान नेताम, दिनेश ध्रुव और एसडी कार्टर रेड्डी ने जीत का सिलसिला कायम रखा।

साल 2019 में चुनाव परिणाम आने से पहले शेख गफ्फार का निधन हो गया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में जनता ने उनके छोटे भाई शेख असलम को जिताया। बाद में मुख्य चुनाव में भी असलम ने जीत दर्ज की। उनके निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर कांग्रेस ने इस बार मोहम्मद आजम को प्रत्याशी बनाया है।

गफ्फार परिवार को तीसरी बार टिकट देने पर चर्चा

राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि कांग्रेस लगातार तीसरी बार गफ्फार परिवार से जुड़े सदस्य को टिकट दे रही है। बताया जाता है कि स्वर्गीय शेख गफ्फार अपने परिवार के सदस्यों को चुनाव नहीं लड़ाना चाहते थे और उन्होंने हमेशा अपने करीबी सहयोगियों को मौका दिया। लेकिन उनके निधन के बाद कांग्रेस ने सहानुभूति फैक्टर को ध्यान में रखते हुए परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दी है।

इधर, पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज एसडी कार्टर रेड्डी के फिर से चुनाव लड़ने की चर्चा भी तेज है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन फार्म भी खरीद लिया है।

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