

बिलासपुर। ट्रेनों में महिला यात्रियों के जेवरात चोरी करने वाले अंतरराज्यीय जामताड़ा गैंग के 6 सदस्यों को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 17 लाख 8 हजार रुपए से अधिक कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और 15 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। गिरोह की महिला सरगना मोनी देवी को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 3 मई को सीपत निवासी सोनाली पटेल टिटलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में जयरामनगर स्टेशन से सवार हुई थीं। ट्रेन में चढ़ने के दौरान उनके हैंडबैग में रखा करीब 7 लाख रुपए कीमत के जेवरों से भरा छोटा पर्स चोरी हो गया था। घटना की शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने जांच शुरू की और स्टेशन व ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में चार महिलाएं और दो पुरुष संदिग्ध गतिविधियों में नजर आए।
जांच के दौरान पुलिस ने जयरामनगर, गतौरा, सक्ती और रायगढ़ के बीच सक्रिय मोबाइल कॉल लोकेशन को ट्रेस किया। बुधवार रात रेलवे स्टेशन पर लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 से सभी आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी आरोपी झारखंड के जामताड़ा जिले के रहने वाले निकले।
गिरफ्तार आरोपियों में दो दंपती तुषार पासवान-मामोनी और विरासत पासवान-मोनी देवी शामिल हैं। इनके अलावा सुजाता केंवरा और मोनिका देवी को भी पकड़ा गया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह लंबे समय से ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था। आरोपी परिवार के साथ रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही रात गुजारते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। सुबह होते ही महिलाएं ट्रेन में सवार होकर महिला यात्रियों को निशाना बनाती थीं।
गिरोह की महिलाएं ट्रेन में चढ़ने के दौरान किसी महिला यात्री को घेर लेती थीं और हैंडबैग की चेन खोलकर पर्स या जेवरात पार कर देती थीं। वारदात के बाद सभी आरोपी अलग-अलग हो जाते थे, जिससे वे एक-दूसरे के साथी न लगें। चोरी के बाद वे छोटे स्टेशनों पर उतर जाते और प्लेटफॉर्म के बाहर रुककर भोजन बनाकर रात बिताते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह में चोरी की जिम्मेदारी महिलाओं की होती थी, जबकि पुरुष सुरक्षा और चोरी के जेवर बेचने का काम संभालते थे। जीआरपी अब आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
