
बिलासपुर। चकरभाठा मेन रोड स्थित एक मेडिकल दुकान में साधु के वेश में पहुंचे ठग ने पूजा-पाठ और चमत्कारी पत्थर का झांसा देकर मेडिकल संचालक से 10 ग्राम सोने की अंगूठी और नकदी ठग ली। घटना का खुलासा करीब दो घंटे बाद हुआ, जिसके बाद पीड़ित ने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार चकरभाठा वार्ड-14 निवासी राजेश पंजवानी (52) मेन रोड पर सुनीता मेडिकल का संचालन करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे भगवा वस्त्र पहने एक अज्ञात बाबा उनकी दुकान पर भिक्षा मांगने पहुंचा। राजेश ने पहले उसे 5 रुपए का सिक्का और बाद में 20 रुपए देने की कोशिश की, लेकिन बाबा ने रकम कम बताते हुए लेने से इनकार कर दिया। उसने खुद को भूखा बताया, जिस पर मेडिकल संचालक ने उसे चाय-बिस्किट मंगवाकर खिलाया।
चाय पीने के बाद कथित बाबा ने अपनी बातों के जाल में फंसाना शुरू किया। उसने जेब से एक अजीब पत्थर निकालकर राजेश को दिया और दावा किया कि इसे कागज में बांधने से घर और दुकान की सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। कुछ देर बाद जब कागज खोला गया तो पत्थर की जगह उसमें दो रुद्राक्ष निकले। कथित चमत्कार देखकर राजेश उसके झांसे में आ गए।
इसके बाद बाबा उन्हें दुकान के अंदर बने मंदिर में ले गया। वहां पूजा-पाठ का दिखावा करते हुए उसने 500-500 रुपए के दो नोट मंगवाए और फिर उंगली में पहनी करीब 10 ग्राम सोने की अंगूठी उतरवा ली। ठग ने नोटों के बीच अंगूठी रखकर पूरा बंडल समेटा और उसे मुंह में डाल लिया। इसके बाद उसने एक पुड़िया बनाकर राजेश को थमाते हुए कहा कि इसे दो घंटे बाद खोलना, सब मंगल होगा।
करीब दो घंटे बाद जब राजेश ने पुड़िया खोली तो उसमें अंगूठी और 500 रुपए के नोट गायब थे। अंदर केवल दो रुद्राक्ष और 10 व 100 रुपए के नोट रखे थे। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने चकरभाठा थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित के मुताबिक घटना के कुछ देर बाद दोपहर करीब 12 बजे दुकान के सामने हरे रंग की बोलेरो आकर रुकी, जिसमें से चार अन्य बाबा उतरे। उन्होंने भी दुकान पर चाय-पानी किया और 100 रुपए दक्षिणा लेकर चले गए। आशंका जताई जा रही है कि अंगूठी उड़ाने वाला मुख्य आरोपी और बोलेरो में आए अन्य लोग एक ही संगठित ठग गिरोह के सदस्य हैं, जो शहर में रेकी कर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
