

बिलासपुर। तारबाहर वार्ड के उपचुनाव में इस बार चुनाव प्रचार पूरी तरह “स्पीड कैंपेन” की तर्ज पर नजर आएगा। वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर में एसआईआर के बाद कुल 5652 मतदाता शेष बचे हैं, जबकि नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों को प्रचार के लिए केवल 10 दिन का समय मिलेगा। ऐसे में प्रत्याशियों के सामने कम समय में अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने की बड़ी चुनौती होगी।
यदि कोई प्रत्याशी प्रतिदिन 12 घंटे भी लगातार प्रचार करता है, तब भी वह औसतन हर मतदाता को केवल 1 मिनट 15 सेकंड का समय ही दे पाएगा। वहीं 24 घंटे के हिसाब से भी प्रति मतदाता समय करीब 2 मिनट 30 सेकंड ही बैठता है। इस वजह से प्रत्येक वोटर तक व्यक्तिगत रूप से पहुंच पाना आसान नहीं माना जा रहा है।
राजनीतिक दल और प्रत्याशी अब पारंपरिक डोर-टू-डोर संपर्क के साथ-साथ नुक्कड़ सभाओं, समाज बैठकों और नेटवर्क आधारित प्रचार रणनीति पर अधिक जोर देने की तैयारी में हैं। कम समय में ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने के लिए मोबाइल नेटवर्क, व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग भी बढ़ सकता है।
तारबाहर वार्ड उपचुनाव के लिए निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद उम्मीदवार पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में उतरेंगे। हालांकि सामान्य चुनावों की तुलना में इस बार प्रचार अवधि काफी छोटी रहेगी। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को मतदान होगा, जबकि 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
कम समय के इस चुनावी कैलेंडर ने राजनीतिक दलों के सामने रणनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में संगठित बूथ नेटवर्क, स्थानीय सामाजिक समीकरण और प्रभावी जनसंपर्क अभियान निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
शहर में ईवीएम, गांव में बैलेट पेपर से मतदान
उपचुनाव के तहत मानिकपुर क्षेत्र में सरपंच पद के लिए भी मतदान कराया जाएगा। इसके अलावा मस्तूरी, कोटा और बिल्हा विकासखंडों में कुल 13 पंच पदों के लिए वोट डाले जाएंगे। शहरी क्षेत्र में मतदान ईवीएम के माध्यम से कराया जाएगा, जबकि ग्रामीण इलाकों में बैलेट पेपर का उपयोग किया जाएगा।
चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और मतदान कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। साथ ही आचार संहिता के प्रभावी पालन पर भी प्रशासन विशेष नजर बनाए हुए है।
