

बिलासपुर।
गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से चलाई गई समर स्पेशल ट्रेनों की योजना पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अप्रैल माह में ही इन ट्रेनों के अधिकांश फेरे समाप्त हो जाने से यात्रियों को मई-जून की भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली कुल 34 समर स्पेशल ट्रेनों में से 24 के फेरे समाप्त हो चुके हैं, जबकि 4 अन्य ट्रेनें आगामी 2 और 3 मई तक बंद हो जाएंगी। इस तरह गर्मी के चरम से पहले ही करीब 82 प्रतिशत विशेष ट्रेन सेवाएं समाप्त हो रही हैं।
रेलवे बोर्ड ने 3 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच हावड़ा, शालीमार, पटना, हटिया और रक्सौल जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए इन ट्रेनों का संचालन शुरू किया था। हालांकि अब यात्रियों का आरोप है कि यह व्यवस्था वास्तविक गर्मी के समय तक टिक नहीं पाई। कुछ यात्रियों का यह भी कहना है कि इन ट्रेनों का संचालन चुनावी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया।

नियमित ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति
समर स्पेशल ट्रेनों के बंद होने के साथ ही नियमित ट्रेनों में दबाव बढ़ गया है। मुंबई-हावड़ा मेल, आजाद हिंद एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और गीतांजलि एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में एसी कोचों में ‘नो रूम’ की स्थिति बनी हुई है, जबकि अन्य श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है।
हावड़ा रूट की अधिकांश ट्रेनों में 29 अप्रैल से 1 मई तक टिकट उपलब्ध नहीं हैं या लंबी प्रतीक्षा सूची है।
स्टेशन पर बढ़ी भीड़, यात्रियों की परेशानी
गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत के साथ ही बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। सीमित ट्रेन विकल्पों के कारण यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
सिर्फ 6 स्पेशल ट्रेनें ही बचेंगी
3 मई के बाद केवल 6 समर स्पेशल ट्रेनें ही संचालित रहेंगी, जो हावड़ा, सांतरागाछी, पटना और रक्सौल जैसे रूटों पर सीमित फेरों के साथ चलेंगी। इनमें एलटीटी-सांतरागाछी, पटना-चर्लपल्ली, हटिया-एलटीटी, तिरुपति-रक्सौल और गोंदिया-रक्सौल रूट शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मई और जून के पीक सीजन में अतिरिक्त ट्रेनें नहीं बढ़ाई गईं, तो यात्रियों की समस्या और बढ़ सकती है। फिलहाल, समर स्पेशल ट्रेनों की समय से पहले समाप्ति ने रेलवे की योजना पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
