
बिलासपुर/सरकंडा।
सरकंडा थाना क्षेत्र के ग्राम बिजौर में प्रतिबंध के बावजूद बोर खनन करते पकड़े गए वाहनों के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो गाड़ियां जब्त की हैं, वहीं दूसरी ओर वायरल वीडियो के जरिए पुलिस पर डेढ़ लाख रुपये की मांग का आरोप लगाया गया है। हालांकि थाना प्रभारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कार्रवाई से बचने की साजिश बताया है।
थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के अनुसार, सोमवार देर रात पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम बिजौर के खेत में अवैध रूप से बोर खनन किया जा रहा है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दो वाहनों को पकड़ा और उन्हें थाने लाया गया।
वीडियो वायरल, पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप
घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों पर वाहनों को छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।
इस पर टीआई ने कहा कि कार्रवाई के दौरान धर्मेंद्र पात्रे नामक व्यक्ति ने खुद को बिल्हा प्रेस क्लब का सदस्य बताते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। जब पुलिसकर्मी कार्रवाई पर अड़े रहे, तब उक्त व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाकर झूठे आरोप लगाते हुए उसे वायरल किया गया।
तहसीलदार को दी गई सूचना, राजस्व टीम ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, मामले की जानकारी तत्काल तहसीलदार को दी गई थी। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बोर खनन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की।
बाहरी राज्यों के वाहन जब्त
पुलिस ने बताया कि जब्त की गई दोनों गाड़ियां बाहरी राज्यों की हैं। एक वाहन पर तमिलनाडु का नंबर (टीएन 34 एडी 1717) और दूसरे पर बेंगलुरु का नंबर (केए 01 एमयू 5590) अंकित है। हालांकि अब तक इन वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान नहीं हो सकी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बोरिंग और भारी मशीनरी जैसे पोकलेन व चेन माउंटेन उपकरण अन्य राज्यों से कम दरों पर लाकर किराए पर उपयोग किए जा रहे हैं।
जांच जारी
पुलिस और राजस्व विभाग दोनों ही इस मामले की संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी, जबकि वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है।
