इस भीषण गर्मी में पेयजल के लिए तरस रहा मुंगेली

शशि मिश्रा

भीषण गर्मी के बीच जहां एक ओर पूरे प्रदेश में जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर काम करने का दावा कर रहा है। वहीं शहर की तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नगर पालिका की पूर्व तैयारी नहीं रहने के चलते आम नागरिकों को पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई मोहल्लों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

गौरतलब है कि 9 अप्रैल को नगर पालिका परिषद की बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था कि खराब और बार-बार बिगड़ने वाले पुराने पंपों को बदलकर नए पंप लगाए जाएं, ताकि भीषण गर्मी में आम जनता के लिए जल आपूर्ति सुचारु बनी रहे। लेकिन यह प्रस्ताव भी अन्य योजनाओं की तरह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया।

पुराना बोर परेशानी का सबब राजेंद्र वार्ड और विवेकानंद वार्ड के अंतर्गत राकेश जोशी के घर के सामने स्थित बोर पंप से सारथीपारा, पटवापारा और देवांगन पारा में पानी की आपूर्ति होती थी। लेकिन पिछले 2-3 महीनों से बोर का जलस्तर गिरने और उसके धंस जाने के कारण पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। कई बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है,

कागजों में सीमित रह गई नए पंप लगाने की योजना

टंकियां बोर खराब होने के बाद बलानी चौक से पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई का अस्थायी समाधान किया गया। लेकिन पहले से ही कई मोहल्लों को पानी देने वाले इस स्रोत पर अतिरिक्त भार पड़ने से अब स्थिति और बिगड़ गई है। नतीजा यह है कि सभी क्षेत्रों में पानी का दबाव बेहद कम हो गया है, एक बाल्टी पानी भरने में आधा घंटा लग रहा है। कई घरों की टंकियां तक नहीं भर पा रही हैं।

गंदा व दूषित पानी का खतरा

जो पानी आ भी रहा है, वह बेहद गंदा, रेतीला और दूषित है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। स्थानीय निवासी ने बताया कि पिछले एक महीने से पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कई बार नगर पालिका और पार्षद से शिकायत कि, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। वहीं विवेकानंद वार्ड के लोगो का कहना है कि यह बोर कई बार खराब हो चुका है और अब पूरी तरह धंस चुका है, जिससे समस्या और बढ़ गई है, लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।

आदेशों की अनदेखी, जिम्मेदार कौन

कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा ग्रीष्मकाल से पहले जल संकट को लेकर समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी जल स्रोतों और पाइपलाइनों को दुरुस्त किया जाए। साथ ही उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी प्रदेश में जल आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद नगर पालिका इन आदेशों को नजर अंदाज करती दिख रही है। पाइप लाइन बिछाने के लिये टेंडर लगने के बाद भी आपसी खींचतान के चलते नगर पालिका द्वारा टेंडर निरस्त कर दिया गया है। जिससे पानी आपूर्ति प्रभावित हो रहा है। कई वार्डों में बोर खनन के बाद भी पाइप लाइन से नही जोड़ने के कारण वार्डवासियों को पानी के लिये तरसना पड़ रहा है।

नागरिकों में आक्रोश

लगातार बिगड़ती स्थिति के चलते वार्डवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द नया बोर खनन कराया जाए और जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए. ताकि इस भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके।

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