बिना अनुमति प्लॉटिंग पर निगम की कार्रवाई, सेक्टर-डी और व्यापार विहार में चला बुलडोजर


बिलासपुर। शहर में अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करते हुए तिफरा स्थित सेक्टर-डी और व्यापार विहार क्षेत्र में बुलडोजर चलाया। बिना अनुमति जमीन का ले-आउट तैयार कर प्लॉटिंग किए जाने और सड़क किनारे अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर की गई।


नगर निगम की टीम ने सेक्टर-डी में उन स्थलों को चिन्हित किया, जहां बिना ले-आउट स्वीकृति और डायवर्सन प्रक्रिया पूरी किए कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर बेचे जाने की तैयारी थी। मौके पर पहुंची टीम ने अवैध रूप से बनाई गई आंतरिक सड़कों को जमींदोज कर दिया। बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।


कार्रवाई के दायरे में लक्ष्मी नारायण और रविनारायण द्वारा खसरा नंबर 1349/2 (रकबा 1 एकड़), राजकुमार गुप्ता द्वारा खसरा नंबर 1349/1 (55 डिसमिल), राजेंद्र कुमार (पिता झाडूराम) द्वारा खसरा नंबर 1293 (67 डिसमिल) तथा दिलहरण द्वारा खसरा नंबर 1294 (33 डिसमिल) की भूमि शामिल रही। इन सभी मामलों में नियमों की अनदेखी कर प्लॉटिंग की जा रही थी।
इसके बाद निगम की टीम व्यापार विहार पहुंची, जहां सड़क किनारे बनाए गए अवैध शेड और अस्थायी ढांचों को हटाया गया। लंबे समय से अतिक्रमण के कारण यहां यातायात प्रभावित हो रहा था।
कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी अनुपम तिवारी, जोन कमिश्नर भूपेंद्र उपाध्याय, सब इंजीनियर आशीष गुप्ता, आशीष पांडेय, संतोष वर्मा, शिव बहादुर जायसवाल सहित राजस्व विभाग और अतिक्रमण दस्ता मौजूद रहा।
हजार से अधिक खसरों की रजिस्ट्री पर रोक, फिर भी जारी कारोबार
नगर निगम के अनुसार अवैध प्लॉटिंग के 400 से अधिक मामलों में एक हजार से ज्यादा खसरा नंबरों की रजिस्ट्री पर रोक लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद शहर में कई स्थानों पर कॉलोनियों का विकास जारी है। शुभारंभ कंस्ट्रक्शन, साहू प्रॉपर्टी सहित अन्य प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा भ्रामक प्रचार कर जमीन की खरीद-बिक्री जारी रखने के आरोप भी सामने आए हैं।
कार्रवाई पर उठे सवाल, कुछ क्षेत्रों में अनदेखी के आरोप
अवैध प्लॉटिंग पर निगम की कार्रवाई को लेकर दोहरे रवैये के आरोप भी लग रहे हैं। खमतराई स्थित शिवा विहार में करीब 50 एकड़ भूमि पर सख्त कार्रवाई के बाद सेक्टर-डी और व्यापार विहार में बुलडोजर चलाया गया, लेकिन बहतराई, बिजौर और मोपका जैसे क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है।
इन क्षेत्रों में रजिस्ट्री पर रोक के बावजूद जमीन की खरीद-फरोख्त और मकान निर्माण जारी है। बहतराई, मोपका और चिल्हाटी में कई खसरा नंबरों की जमीनों को छोटे प्लॉट में बांटकर बेचा जा चुका है और सैकड़ों मकान निर्मित हो चुके हैं। बिना नक्शा पास और ले-आउट स्वीकृति के निर्माण होने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिकारियों का दावा—जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने कहा कि जहां भी अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर और निगम आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो मामलों की जांच कर रही है।
नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

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