वर्षवरण एवं 240वीं साहित्य बैठक का भव्य आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बंगला अकादमी, बिलासपुर द्वारा आयोजित “वर्षवरण एवं 240वीं साहित्य बैठक” का आयोजन अत्यंत भव्य, सुसंगठित एवं भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। पश्चिम बंगाल के बाहर बंगाली भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से कार्यरत अकादमी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुसंयोजित संचालन डॉ. सोमनाथ मुखर्जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी गीत के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण कर दिया।
कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। प्रतिभाशाली कलाकारों निहाररंजन मल्लिक, असीत कुमार दत्ता, चंदना मित्रा, शुभांशु शेखर घोष, रूपा राहा, बिथीका मंडल, मौसुमी चक्रवर्ती, सौरभ चक्रवर्ती, देवाशीष (बापी) सरकार, अचिंत्य बोस, प्रीथा सरकार, सुजीत मित्रा एवं डॉ. सोमा लाहिड़ी मल्लिक ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


नृत्य प्रस्तुतियों में “वंदे मातरम्” पर आधारित समूह नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रस्तुति में तानिमा रॉय, नीलिमा घोष, सुष्मिता घोष, मौमिता चक्रवर्ती, मौमिता पालित, पूजा प्रमाणिक, सोनाली बनर्जी एवं संतना दासगुप्ता ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसका निर्देशन गोपा दासगुप्ता द्वारा किया गया। वहीं बाल कलाकार आर्मिमा पाल एवं आयुषी पालित ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। शिवान्या घोष की विशेष नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाई प्रदान की।
कार्यक्रम में काव्य पाठ भी आकर्षण का केंद्र रहा। पार्थप्रतिम भादुड़ी एवं आयुष परमानिक द्वारा प्रस्तुत काव्य वाचन ने साहित्यिक वातावरण को समृद्ध किया। इसके अलावा “नववर्षेर नोतुन प्रभात” शीर्षक गीति आलेख्य की सामूहिक प्रस्तुति कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रही, जिसमें संगीत, साहित्य और भावनाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला। इस प्रस्तुति की रचना असीत बरण दास द्वारा की गई, जबकि पाठ असीत बरण दास एवं डॉ. सोमा लाहिड़ी मल्लिक ने किया।


कार्यक्रम में नाट्य प्रस्तुति “चौर्यानंद” का सशक्त मंचन भी किया गया। तुलसी लाहिड़ी रचित इस नाटक का निर्देशन राजा दासगुप्ता ने किया। कलाकारों पार्थसारथी बोस, मल्लिका सरकार, राजा दासगुप्ता, पार्थो सरकार, प्रबल मुखर्जी एवं पूजा प्रमाणिक के जीवंत अभिनय को दर्शकों ने भरपूर सराहना दी।
इस अवसर पर अकादमी के सम्मानित सदस्यों श्रीमती मेरिना घोष, श्री प्रबल मुखर्जी, श्रीमती नीलिमा घोष एवं श्री शुभेंदु विश्वास का जन्मदिवस भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिससे कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का समापन रात्रि 10 बजे सामूहिक रात्रिभोज के साथ हुआ, जिसमें सहभागिता और आपसी आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला।
आभार ज्ञापन के दौरान छत्तीसगढ़ बंगला अकादमी के सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। विशेष रूप से उपाध्यक्ष डॉ. सोमनाथ मुखर्जी के कुशल संचालन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व की सराहना की गई। साथ ही अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती नमिता घोष के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने अस्वस्थता के बावजूद निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम की सफलता के लिए डॉ. गोपाल चंद्र मुखर्जी, अनुप देव, सुब्रत चट्टोपाध्याय, प्रवीर घोष, दीपिका विश्वास, प्रतिमा पाल, पार्थसारथी बोस, प्रबल मुखर्जी सहित सभी सहयोगियों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों का भी आभार व्यक्त किया गया।

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