

बिलासपुर। अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा, जिसे छत्तीसगढ़ में ‘अक्ती’ के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों, शोभायात्राओं और पारंपरिक ‘पुतरा-पुतरी विवाह’ जैसे आयोजन पूरे शहर में आयोजित किए जाएंगे। वहीं भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में ब्राह्मण समाज द्वारा चार दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 18 अप्रैल से की जा रही है।
पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि रविवार सुबह 10:50 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 20 अप्रैल की सुबह 7:28 बजे तक रहेगी, जिसकी कुल अवधि 20 घंटे 38 मिनट होगी। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर किए गए दान, जप और शुभ कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं, इसी कारण इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
चार दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा
समग्र ब्राह्मण समाज एवं परशु सेना के तत्वावधान में लोखंडी स्थित कान्यकुब्ज भवन में पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। 20 और 21 अप्रैल को विभिन्न क्षेत्रों में शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। 21 अप्रैल को शाम 4:30 बजे शीतला माता मंदिर, दयालबंद से शोभायात्रा प्रारंभ होकर पं. देवकीनंदन दीक्षित स्कूल में समाप्त होगी, जहां धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर स्वामी घनश्यामाचार्य आशीर्वचन देंगे।

सरकंडा में पहली बार ध्वज यात्रा और शोभायात्रा
अक्षय तृतीया पर 20 अप्रैल को सरकंडा क्षेत्र में पहली बार भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन की शुरुआत अशोकनगर चौक स्थित श्रीराम भिक्षुक दास महाराज की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना से होगी। दोपहर 2:30 बजे परशुराम चौक, राजकिशोर नगर से ध्वजा पूजन के साथ बाइक रैली निकलेगी, जो आगे पदयात्रा में परिवर्तित होकर शोभायात्रा का रूप लेगी। कार्यक्रम का समापन वाजपेयी मैदान में संत समागम, धर्मसभा, प्रवचन और प्रसाद वितरण के साथ होगा।
‘पुतरा-पुतरी विवाह’ की परंपरा
अक्ती के अवसर पर बच्चों को संस्कार सिखाने के उद्देश्य से ‘पुतरा-पुतरी विवाह’ की परंपरा निभाई जाती है। शहर के शनिचरी सहित विभिन्न बाजारों में गुड्डे-गुड़िया की दुकानें सज चुकी हैं, जहां इनकी कीमत 50 से 300 रुपये तक है।
तेलुगू समाज का दो दिवसीय आयोजन
तेलुगू संयुक्त समाज कल्याण समिति के महिला विंग द्वारा 19 और 20 अप्रैल को कासिम पारा में गुड्डा-गुड़िया विवाह का आयोजन किया जाएगा। 19 अप्रैल को मंडप स्थापना, हल्दी-मेहंदी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जबकि 20 अप्रैल को शाम 5:30 बजे बारात निकाली जाएगी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल होंगे।
जगन्नाथ मंदिर में रथ पूजा
अक्षय तृतीया के अवसर पर रेलवे क्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर में 20 अप्रैल को सुबह 10 बजे रथ की पूजा की जाएगी। मंदिर समिति के अनुसार, यहां नए रथ का निर्माण नहीं होता, बल्कि परंपरा के तहत पुराने रथ की पूजा कर आगामी रथयात्रा की तैयारी प्रारंभ की जाती है।
शहर में इस पर्व को लेकर व्यापक उत्साह है और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
