
शशि मिश्रा


सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने बड़ी त्रासदी को जन्म दिया। हादसे में अब तक 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि कई घायलों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। घायलों को तत्काल रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
दोपहर 2 बजे हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के अनुसार, प्लांट में नियमित कार्य चल रहा था। इसी दौरान करीब दोपहर 2 बजे बॉयलर में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। उस समय बड़ी संख्या में मजदूर बॉयलर के आसपास काम कर रहे थे, जो इसकी चपेट में आ गए।

बताया जा रहा है कि 30 से 40 मजदूर इस हादसे में झुलसे हैं, जिनमें कई 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। घटना के बाद प्लांट के बाहर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने घायलों से मिलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
लापरवाही पर उठे सवाल, मुआवजे की मांग
हादसे के बाद सिस्टम की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व विधायक चैन सिंह सामले ने मृतकों के परिजनों को नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को गंभीर बताते हुए मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने इस घटना को “दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या” बताते हुए न्यायिक जांच कराने की मांग भी उठाई है।
प्रबंधन का पक्ष
कंपनी के एक सुपरवाइजर के अनुसार, हादसा बॉयलर-1 में हुआ, जहां मजदूर पेंटिंग का कार्य कर रहे थे। उस समय संचालन और रखरखाव का कार्य एनटीपीसी जीई पावर सर्विसेज लिमिटेड के कर्मचारी देख रहे थे।
फिलहाल, प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और घायलों के बेहतर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
