

जिला पुलिस द्वारा चेतना भवन, पुलिस लाइन में “संगठित अपराध एवं छोटे संगठित अपराध, ई-साक्ष्य, ई-समन एवं iGOT KARMAYOGI” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों सहित विवेचना से जुड़े करीब 60 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान संगठित अपराधों की विवेचना, कानूनी प्रावधान, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण और आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बढ़ते साइबर और संगठित अपराधों की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए पुलिस अधिकारियों को नवीन कानूनों, तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल प्रक्रियाओं की अद्यतन जानकारी रखने की आवश्यकता बताई।
प्रशिक्षण सत्र में एसडीओपी ने “संगठित अपराध एवं छोटे संगठित अपराध” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विवेचना की प्रक्रिया, अपराध नियंत्रण की रणनीतियों और प्रकरणों के प्रभावी निराकरण को लेकर अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।
वहीं आरक्षक डी.के. साहू ने “ई-साक्ष्य, ई-समन एवं iGOT KARMAYOGI” विषय पर प्रशिक्षण देते हुए डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, इलेक्ट्रॉनिक समन तामील प्रक्रिया और पोर्टल के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी साझा की।
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर जानकारी हासिल की तथा प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। पुलिस विभाग ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक तकनीक और नई कानूनी प्रक्रियाओं में दक्ष बनाना है, ताकि अपराधों की प्रभावी रोकथाम और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जा सके।
