उस स्वर्णयुग की स्वर्णिम आभा लुप्त हुई…अलविदा आशा जी , महान पार्श्वगायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट से निधन


मुकेश , किशोर , मन्ना डे, रफी , हेमंत दा, गीता दत्त , लता और आशा जी ….
आशा जी के संसार में रहने तक यह आशा मन को ढांढस देती थी कि उस संगीत के स्वर्णिम युग का कोई प्रतिनिधि हम सब के मध्य है , अब उनके जाने से उस महान युग और उसकी श्रेष्ठ आवाज़ों का अंतिम सुर भी मानो शांत हो गया …
आशा जी और गीता दत्त में एक प्रकार से प्रतिस्पर्धा रहती थी , क्यों कि दोनों की आवाज में खनक थी , वैरायटी थी ।
जो गाने वेस्टर्न धुनों पर होते थे , कुछ चुलबुला पन होता था , वो गाने लताजी की बजाय गीता या आशा को ऑफर होते थे
आशा जी की आवाज की ओ पी नैयर साहब बेहरतीन मानते थे , अपने उस दौर के नए अंदाज वाले गीतों में फीमेल आवाज हमेशा आशा ही होती थी।
उन से जुड़ी अनेक किस्से आज मन को अशांत कर रहे है , भावुक कर रहे है । उनके गाने में वैरायटी है , रोमांस भी है दर्द भी या फिर फुल थिरकन जैसे हेलन पर फिल्माया
पिया अब तू आज …
फलता मंगेशकर की छोटी बहन और दिनानाथ मंगेशकर की पुत्री आशा ने फिल्मी और गैर फिल्मी लगभग 15-16 हजार गाने गाये और इनकी आवाज़ के प्रशंसक पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी भाषा के भी अनेक गीत गाए हैं।
तो चलिए इस महान गायिका के कुछ बेहतरीन गाने केके याद किए जाए
आओ हज़ूर तुमको… 🎶🎶
अभी ना जाओ छोड़ कर… 🎶🎶
राधा कैसे न जलय.. 🎶🎶
चुरा लिया है तुम नहीं जो दिल को.. 🎶🎶
दिल चीज़ क्या है… उमराव जान 🎶🎶
कहदुं तुम्हैं.. 🎶🎶आशा और किशोर कुमार ने इसे बखूबी निभाया।
एक मैं और एक तू.. फूल मस्ती 🎶🎶

पिया तू अब तो आजा.. 🎶🎶
आरडी बर्मन जादू करते हैं।
डॉ. संजय अनंत ©

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