सात महिला पुलिसकर्मियों ने टीसीएस में काम कर मतांतरण रैकेट का किया पर्दाफाश, जींस-टाप पहनने वाली महिला कर्मचारी ने अचानक पहनना शुरू कर दिया था सलवार, रमजान के महीने में रोजा रखना शुरू किया तो उसके सनातनी परिवार को हुआ उस पर शक

मुंबई: नासिक स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कार्यालय में चार साल से चल रहे महिलाओं के यौन शोषण एवं मतांतरण रैकेट का पर्दाफाश सात महिला पुलिसकर्मियों ने करीब एक सप्ताह उक्त कंपनी में काम करके किया। इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक महिला को फरार बताया जा रहा है। अब तक गिरफ्तार छह आरोपितों में से पांच को न्यायिक हिरासत में और एक को 13 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

आरोप लगाने वाली आठ महिलाओं में से छह अविवाहित और दो विवाहित हैं। इनमें एक पुरुष भी शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना एक महिला के आचार-व्यवहार में परिवर्तन आने के बाद सामने आई। जींस-टाप पहनने वाली इस महिला ने जब अचानक सलवार सूट पहनना शुरू किया और रमजान के महीने में रोजा रखना शुरू किया तो उसके सनातनी परिवार को उस पर शक हुआ। परिवार ने उसे भरोसे में लेकर पूछताछ की तो उसके कार्यालय में चल रही सच्चाई सामने आई। परिवार के दबाव में लड़‌की ने नासिक के मुंबई नाका पुलिस थाने में यौन शोषण, मतांतरण के प्रयास और जबरन गोमांस खिलाने की एफआइआर दर्ज कराई।

लेकिन, सुबूतों के अभाव में पुलिस एक बहुराष्ट्रीय आइटी कंपनी के कार्यालय में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, तब पुलिस ने सात महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाकर उन्हें उक्त आइटी कंपनी में नौकरी दिलाने की योजना बनाई। कंपनी में टीम लीडर्स के रूप में काम कर रहे कई लोगों को पहले से ऐसी जरूरतमंद मध्यमवर्गीय महिलाओं की तलाश थी, इसलिए पहचान बदलकर नौकरी के लिए आवेदन करने वाली सात महिला पुलिसकर्मियों को आसानी से नौकरी मिल गई।

वहां काम करते हुए सातों पुलिसकर्मियों ने करीब एक सप्ताह तक सारी गतिविधियां प्रत्यक्ष रूप से देखीं। वहां लगे 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र किए। इसके बाद सात और महिलाओं एवं एक पुरुष कर्मचारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक महिला अभी फरार बताई जा रही है।

एक पीड़िता ने कहा है कि उसके साथ दो से अधिक आरोपितों ने कंपनी के बाहर ले जाकर दुष्कर्म भी किया है। अन्य महिलाओं ने मीटिंग के दौरान या आफिस के सुनसान स्थानों पर गलत इरादे से घूरने या छूने के आरोप लगाए हैं। जैसा कि सभी आरोपित एक विशेष समुदाय से संबंध रखते हैं। उनके द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर गलत टिप्पणियां भी की जाती रही हैं। इस मामले को लेकर शुक्रवार को भाजयुमोकी और से कंपनी के बाहर काफी देर तक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने आरोपितों को कड़ा दंड देने की मांग की है। पमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

शिकायत पर एचआर मैनेजर ने कहा, सभी कंपनियों में ऐसा ही चलता है

पीड़िताओं ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि पिछले चार वर्षों में कंपनी में महिलाओं के यौन शोषण एवं उन्हें मतांतरित करने का प्रयास चल रहा था। इस बारे में उन्होंने एचआर मैनेजर अश्विनी चनानी को मेल भेजकर एवं व्यक्तिगत तौर पर मिलकर कई बार शिकायत की। लेकिन चनानी ने उन्हें यह कहकर चुप करा दिया कि सभी कंपनियों में ऐसा ही चलता है। अश्विनी चनानी अपने घर पुणे भाग गई थी। गुरुवार को उसे पुणे से हिरासत में लेकर उससे चार घंटे पूछताछ की जा चुकी है।

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