
बिलासपुर। साइबर ठगों ने एक बार फिर व्हाट्सएप हैकिंग के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। नेहरू नगर स्थित पारिजात कॉलोनी निवासी एक महिला अधिवक्ता से उनके परिचित के नाम पर 50 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। मामले में सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पारिजात कॉलोनी निवासी अधिवक्ता अनुसुईया चतुर्वेदी को 6 अप्रैल की दोपहर उनके परिचित विनय खेमानी के व्हाट्सएप नंबर से मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज में तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत बताई गई और अगले दिन पैसे लौटाने का भरोसा दिलाया गया। चूंकि उक्त नंबर से पहले भी बातचीत होती रही थी, इसलिए उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
ठग ने विनय खेमानी बनकर एक अन्य व्यक्ति जैकी कुमार का मोबाइल नंबर भेजा और उस पर फोन-पे के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने को कहा। भरोसे में आकर अधिवक्ता ने दोपहर 1:04 बजे 20 हजार रुपए और 1:24 बजे 30 हजार रुपए, कुल 50 हजार रुपए अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से ट्रांसफर कर दिए।
कुछ देर बाद जब उन्होंने विनय खेमानी का व्हाट्सएप स्टेटस देखा, तो मामला स्पष्ट हुआ। स्टेटस में लिखा था कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है और किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें। इसके बाद घबराई अधिवक्ता ने तुरंत विनय को फोन किया, जहां से पुष्टि हुई कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।
घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई और सिविल लाइन थाने में लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
सावधानी जरूरी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिचित के नाम से पैसे मांगने पर पहले फोन कर पुष्टि जरूर करें। व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए आने वाले ऐसे मैसेज पर बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें, अन्यथा ठगी का शिकार हो सकते हैं।
