डिवाइडर बना हादसों का कारण: मुख्य डाकघर के सामने कार चढ़ी, साइन बोर्ड-रेडियम की कमी उजागर


शहर में अव्यवस्थित और असुरक्षित डिवाइडर लगातार हादसों की वजह बन रहे हैं। बुधवार देर रात मुख्य डाकघर के सामने एक डस्टर कार डिवाइडर पर चढ़ गई। मौके पर न तो कोई साइन बोर्ड लगा था और न ही डिवाइडर पर रेडियम पट्टी, जिससे कम रोशनी में चालक को डिवाइडर दिखाई नहीं दिया और दुर्घटना हो गई।
हादसे में कार सवार लोग बाल-बाल बच गए, लेकिन वाहन का चेंबर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद परिजनों और दोस्तों की मदद से कार को नीचे उतारकर मरम्मत के लिए भेजा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
सरकंडा-सीपत रोड भी खतरनाक
सिर्फ मुख्य डाकघर ही नहीं, सरकंडा-सीपत रोड पर बने डिवाइडर भी खतरा बने हुए हैं। यहां कई जगह डिवाइडर में कट दिए गए हैं, लेकिन संकेतक या रेडियम पट्टी नहीं लगाई गई है। नतीजतन, वाहन चालक रात के समय भ्रमित होकर डिवाइडर से टकरा रहे हैं। हाल ही में मुंगेली नाका पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने एक नई अर्टिगा कार भी इसी तरह हादसे का शिकार हुई थी।
एसबीआर कॉलेज के सामने भी लगातार दुर्घटनाएं
जमुना प्रसाद वर्मा (एसबीआर) कॉलेज के सामने फ्लाईओवर से उतरते समय भी स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। यहां दोनों लेन के बीच बने डिवाइडर पर अब तक दर्जनभर से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। अंडे से भरा पिकअप और गैस सिलेंडर से लदा ट्रक तक यहां पलट चुका है।
प्रशासन की अनदेखी पर सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है और न ही डिवाइडरों पर चेतावनी संकेत या रेडियम पट्टियां लगाई गई हैं। इससे वाहन चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन खतरनाक डिवाइडरों पर साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।

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