

बिलासपुर। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) को सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले तीन दिनों में 8 बुकी की गिरफ्तारी के बाद शहर में सक्रिय सट्टा सिंडिकेट के कई बड़े राज उजागर हुए हैं। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क अब देश से बाहर और अन्य राज्यों से संचालित किया जा रहा है।
नेपाल-कोलकाता और साउथ से चल रहा नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रमुख सटोरिये राज चेतानी और रोहित पंजवानी नेपाल और कोलकाता के सरहदी क्षेत्रों से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। टी-20 वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले ही ये शहर छोड़ चुके थे।
सूत्रों के अनुसार, ये सटोरिये बिलासपुर से ही रोजाना 15 से 18 लाख रुपए तक का दांव लगवा रहे हैं।
वहीं, नितिन हर्जपाल दक्षिण भारत में बैठकर आईपीएल के हर गेंद और बाउंड्री पर सट्टा ऑपरेट कर रहा है। उसकी अलग-अलग आईडी के जरिए शहर से रोजाना करीब 20 लाख रुपए का सट्टा लगाया जा रहा है।
दुबई से जुड़े तार, बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
जांच में फरार सटोरिये राजा बजाज के सीधे संबंध दुबई से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि वह रायपुर के एक होटल से छिपकर “रिक्की पैनल” संचालित कर रहा था। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को खंगालने में जुटी है।
भ्रामक खबरों से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
कार्रवाई तेज होते ही सट्टा कारोबारी नए हथकंडे अपनाने लगे हैं। राज चेतानी, रोहित पंजवानी, राजा बजाज और नितिन हर्जपाल जैसे सटोरियों ने अलग-अलग नामों से न्यूज पोर्टल बनवा रखे हैं। दबिश बढ़ते ही ये अपने हैंडलर्स के जरिए पुलिस के खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाने लगते हैं, ताकि कार्रवाई को प्रभावित किया जा सके।
दूसरे राज्यों में ठिकाने, चोरी-छिपे शहर आना-जाना
कड़े कानूनों से बचने के लिए सटोरियों ने अपने ठिकाने दूसरे राज्यों में बना लिए हैं। पुलिस के अनुसार ये लोग बीच-बीच में चोरी-छिपे अपने परिवार से मिलने बिलासपुर आते हैं और तुरंत लौट जाते हैं। कई सटोरियों ने अन्य राज्यों में संपत्तियां भी खरीद ली हैं।
पुराने दिग्गज अब भी सक्रिय, पर्दे के पीछे से संचालन
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2010 के बाद शहर में क्रिकेट सट्टे की शुरुआत करने वाले मनीष चेतानी और किशन बजाज अब क्रमशः गोवा और रायपुर में सेटल हो चुके हैं। पुलिस को संदेह है कि ये दोनों बाहर रहकर भी बड़े नेटवर्क को पर्दे के पीछे से नियंत्रित कर रहे हैं।
कैसे हुई कार्रवाई: 3 दिन में 8 गिरफ्तारी
एसीसीयू की कार्रवाई एक पुख्ता सूचना से शुरू हुई, जिसमें क्रिकेट मैच पर बड़े दांव की जानकारी मिली थी। टीम ने जनता कंस्ट्रक्शन के कार्यालय में दबिश दी, जहां 9 जुआरी पकड़े गए और राज चेतानी का कलेक्शन एजेंट भी मिला। उसकी निशानदेही पर कमल पंजवानी और सौरभ पवार को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद रविवार रात सिरगिट्टी क्षेत्र में क्रेटा कार में सवार रामेश्वर गुप्ता, दीपचंद सोनकर और सीताराम साहू को पकड़ा गया, जिनका सीधा लिंक नितिन हर्जपाल से मिला। आगे की पूछताछ में दीपक भक्तानी के जरिए राजा अरोरा के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
पुलिस का बयान
एसीसीयू प्रभारी सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने कहा कि जांच से जुड़े कई अहम तथ्य गोपनीय हैं, जिन्हें फिलहाल साझा नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम लगातार बड़े सटोरियों को ट्रैक कर रही है और जल्द ही लोकल नेटवर्क पर और बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि बिलासपुर में सट्टा कारोबार अब स्थानीय सीमाओं से निकलकर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसे तोड़ने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
