डी-मार्ट के नए एग्जिट गेट से बढ़ा ट्रैफिक संकट, सरकंडा में छह जगह बने जाम के हॉटस्पॉट, इससे पता चल रहा कैसा है डी मार्ट का क्रेज


बिलासपुर। शहर के सरकंडा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे व्यावसायिक और आवासीय विकास के बीच ट्रैफिक व्यवस्था चरमराने लगी है। खासतौर पर डी-मार्ट के शुरू होने के बाद इलाके में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। अब डी-मार्ट के पीछे खोले गए नए एग्जिट गेट ने स्थानीय रहवासियों की परेशानी और बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा डी-मार्ट के मुख्य एग्जिट गेट को बंद कराए जाने के बाद प्रबंधन ने पीछे की ओर करीब 30 फीट चौड़ी सड़क पर नया एग्जिट शुरू कर दिया है। यह सड़क बालाजी रेसिडेंसी जैसे रिहायशी इलाकों को जोड़ती है। सड़क संकरी होने के कारण यहां अचानक बढ़े ट्रैफिक का दबाव संभालना मुश्किल हो रहा है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बन रही है।


रांग साइड और यू-टर्न से बिगड़ रहा ट्रैफिक इस एग्जिट से निकलने वाले वाहन चालकों को बहतराई की ओर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग रांग साइड से चौक तक पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ को सूर्या चौक तक जाकर यू-टर्न लेकर वापस आना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
छह प्रमुख स्थान बने जाम के हॉटस्पॉट सरकंडा क्षेत्र में अब ट्रैफिक जाम केवल एक-दो स्थानों तक सीमित नहीं रहा। वसंत विहार चौक, लोयोला स्कूल रोड, बहतराई चौक, खमतराई चौक, चांटीडीह चौक और अपोलो चौक जैसे छह प्रमुख स्थान जाम के हॉटस्पॉट बन चुके हैं। शाम के समय और ऑफिस आवर्स में इन जगहों पर हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं।


100-200 मीटर लंबी कतार, बढ़ा सफर का समय स्थिति यह है कि कई जगहों पर रोजाना 100 से 200 मीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग रही है। जहां पहले 5-10 मिनट में तय होने वाला रास्ता अब 20-25 मिनट में पूरा हो रहा है। हाल ही में वसंत विहार चौक के पास आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
मास्टर प्लान और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर शहर में बढ़ते ट्रैफिक संकट के पीछे मास्टर प्लान और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर भी बड़ा कारण बन रहा है। डी-मार्ट के सामने की सड़क मास्टर प्लान में 80 फीट चौड़ी प्रस्तावित है, लेकिन मौके पर यह 60 फीट भी नहीं है। इसी तरह पीछे की सड़क, जो 60 फीट होनी चाहिए, वर्तमान में मात्र 30 फीट चौड़ी है। वहीं सीपत रोड की प्रस्तावित चौड़ाई 135 फीट है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह 80 फीट तक भी नहीं पहुंच पाई है।
अपर्याप्त एंट्री-एग्जिट और पार्किंग भी कारण एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि डी-मार्ट में बेसमेंट पार्किंग और एंट्री-एग्जिट गेट पर पर्याप्त कर्व नहीं है, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गेट पर कर्व बनाकर स्थिति में सुधार किया जा सकता है। निगम द्वारा सीएसईबी को ट्रांसफार्मर और बिजली पोल शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, जिस पर काम शुरू हो चुका है।
अतिक्रमण और अव्यवस्थित विकास से बिगड़ रही स्थिति विशेषज्ञों के अनुसार, अतिक्रमण, अधूरा सड़क चौड़ीकरण और बिना समुचित प्लानिंग के हो रहे व्यावसायिक विकास के कारण सड़कों की क्षमता लगातार घट रही है। सरकंडा क्षेत्र इसका प्रमुख उदाहरण बनता जा रहा है, जहां मास्टर प्लान केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है।
लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित प्रबंधन के चलते सरकंडा क्षेत्र के रहवासियों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस समाधान निकालने की मांग की है, ताकि इस बढ़ती समस्या से राहत मिल सके।

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