
शशि मिश्रा

बिलासपुर। राशन दुकानों में इन दिनों अप्रैल से जून तक तीन महीने के खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। तीन महीने का खाद्यान्न एक साथ लेने हितग्राहियों को छह-छह बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक हितग्राही का राशनकार्ड हाथ में लेने से लेकर विदा करने तक की प्रक्रिया में पंद्रह मिनट लग जा रहे हैं। ऐसे में खाद्यान्न लेने वालों की लंबी लाईन सड़कों पर नजर आ रही है। चूंकि अब धूप तेज हो चुकी है, जिससे महिलाओं
को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। अप्रैल से जून महीने तक तीन महीने का खाद्यान्न एकमुश्त लेने इन
दिनों राशन दुकानों में हितग्राहियों की लंबी-लंबी लाईन नजर आ रही है। हितग्राहियों में एक ओर जहां तीन महीने का खाद्यान्न एकमुश्त मिलने का संतोष
है, तो दूसरी ओर चिलचिलाती धूप में लंबी-लंबी लाईनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने का दुख भी है। कार्डधारियों को तीन महीने का चावल
लेने के लिए राशन दुकानों में हर महीने के लिए दो बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक हितग्राही को तीन महीने के खाद्यान्न अन्न के लिए छह-छह बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है। राशन दुकानदार के द्वारा प्रत्येक हितग्राही के राशन कार्ड की जांच करने एवं उसमें पूर्ति दर्ज करने से लेकर अंगूठा लेने व तीन महीने का चावल तौलकर दुकान से विदा करने तक की पूरी प्रक्रिया में कम से कम पंद्रह मिनट लग जा रहे हैं। इस बीच सर्वर में अगर किसी भी तरह की परेशानी आ गई, या सर्वर स्ला हुआ तो पंद्रह मिनट का समय बढ़कर अधिक भी हो सकता है। ऐसे में राशन
दुकानों के बाहर हितग्राहियों की लंबी लाईन लगना सामान्य बात है। चूंकि अप्रैल का महीना शुरू हो चुका है, जिससे धूप में धूप में अब काफी तेजी महसूस होने लगी है। ऐसे में बिना शेड के अपनी बारी का इंतजार करते धूप में खड़े रहने से न केवल हितग्राहियों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्वास्थ्यगत परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि शहर के किसी भी राशन दुकान में शेड की व्यवस्था नहीं है, जहां हितग्राहियों को खड़े होने के लिए छांव मिल सके। ज्यादातर हितग्राहियों को राशन दुकानों के बाहर सड़क पर पेड़ की छांव में बैठे भी देखा जा सकता है।
