

बिलासपुर। कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने और गैस सिलेंडर व पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी की आशंका के बीच शहर के बाजार में महंगाई का असर साफ नजर आने लगा है। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

इंडक्शन की कीमत दोगुनी, गैस की किल्लत का असर
गैस सिलेंडर की कमी और डिलिवरी में देरी के चलते लोग अब इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं। बढ़ती मांग और सीमित सप्लाई के कारण इंडक्शन की कीमतों में भारी उछाल आया है। जो इंडक्शन पहले 2500 से 3000 रुपये में मिलते थे, वे अब 5000 रुपये तक बिक रहे हैं। दुकानों में स्टॉक भी कम हो गया है।

ई-बाइक की डिमांड बढ़ी, लंबा इंतजार
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की आशंका के चलते लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। शहर में ई-बाइक की मांग बढ़ गई है। पिछले एक महीने में करीब 400 ई-बाइक की बिक्री हो चुकी है, लेकिन सप्लाई कम होने के कारण नई बुकिंग पर 15 से 20 दिन, कहीं-कहीं एक महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
पंखे, कूलर और एसी भी महंगे
कॉपर की कीमत बढ़ने का असर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी पड़ा है। पहले 1200 रुपये में मिलने वाले पंखे अब 1500 से 2000 रुपये तक पहुंच गए हैं। वहीं कूलर के मोटर, जो पहले 1600 रुपये में मिलते थे, अब 2000 से 2500 रुपये तक हो गए हैं। नॉन-ब्रांडेड कूलर की कीमत भी 1500-2500 रुपये से बढ़कर 3000-4000 रुपये तक पहुंच गई है।
प्लास्टिक के दाम में 40% तक उछाल
कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने से प्लास्टिक के दामों में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है। फर्स्ट क्वालिटी प्लास्टिक करीब 40 प्रतिशत तक महंगा हो गया है, जबकि सेकेंड क्वालिटी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर घरेलू उपयोग की कई वस्तुओं पर पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे माल की कमी के चलते सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतों में उछाल आया है। वहीं उपभोक्ता महंगाई की मार झेलने को मजबूर हैं और विकल्प तलाश रहे
