जिला अस्पताल में ‘फर्जी डॉक्टर’ बन ठगी की कोशिश, प्रबंधन ने पकड़ा, पुलिस ने छोड़ दिया


बिलासपुर। जिला अस्पताल में एक युवक द्वारा खुद को डॉक्टर बताकर मरीज के परिजन से ठगी करने का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन की सतर्कता से आरोपी को पकड़ लिया गया, लेकिन पुलिस ने उसे नशे की हालत बताकर बिना कार्रवाई के छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे सूरज कुमार कौशिक अपनी पत्नी सोनिया कौशिक का नसबंदी ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान मनोज विश्वकर्मा नाम का युवक उनसे मिला और खुद को अस्पताल का डॉक्टर बताते हुए जल्दी काम कराने का भरोसा दिलाया।
आरोपी युवक ने सूरज से आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड मांगा तथा सरकारी योजना के तहत इलाज के साथ 24 हजार रुपये नकद दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद वह उन्हें अस्पताल के बाहर चाय पिलाने के बहाने ले जाने लगा।
युवक की संदिग्ध हरकतों पर शक होने पर सूरज कुमार ने सिविल सर्जन को सूचना दी। सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने तत्काल वार्ड ब्वॉय को भेजकर युवक को बुलवाया, लेकिन वह भागने लगा। इस पर अस्पताल के गार्ड ने दौड़कर उसे पकड़ लिया।
बाद में आरोपी को तारबाहर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत भी दी। हालांकि, तारबाहर थाना के सब इंस्पेक्टर राम नरेश यादव के अनुसार युवक शराब के नशे में था, जिसके चलते उसे कुछ देर बाद बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और सतर्क रहें।

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