

बिलासपुर। कोनी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद अब मामले की गहन जांच के लिए केंद्र सरकार की टीम 5 अप्रैल के बाद बिलासपुर पहुंचेगी। टीम संक्रमण के स्रोत, सुरक्षा इंतजाम, सैंपलिंग प्रक्रिया और सेनिटाइजेशन व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण करेगी। जांच पूरी होने के बाद लगभग 90 दिनों में रिपोर्ट आने की संभावना है। तब तक पोल्ट्री फार्म का संचालन बंद रहेगा।
इस बीच राहत की खबर यह है कि पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक (जेडी) समेत 24 अधिकारी-कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें से 10 सैंपल सिम्स बिलासपुर और 14 सैंपल एम्स रायपुर भेजे गए थे, जिनमें किसी में भी बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए।
संक्रमण की आशंका को देखते हुए पोल्ट्री फार्म में सेनिटाइजेशन अभियान तेज कर दिया गया है। पूरे परिसर में नियमित रूप से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और कर्मचारियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
पशुपालन विभाग ने संभाग में सप्लाई किए गए 6 यूनिट चूजों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं, वहीं तीन अलग-अलग स्थानों पर मृत मिली मुर्गियों के सैंपल पुणे भेजे गए हैं। इन रिपोर्टों के आने के बाद संक्रमण की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर 14 दिनों तक चिकन और मांस के सेवन पर रोक लगाने की एडवायजरी जारी की है।
कोनी पोल्ट्री फार्म के प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय राज के अनुसार, फार्म में लगातार सेनिटाइजेशन किया जा रहा है और सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। वहीं सिम्स बिलासपुर के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि कर्मचारियों के सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद संबंधित विभाग को भेज दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
