
यूनुस मेमन

बिलासपुर की धार्मिक नगरी रतनपुर थाना क्षेत्र के पेंडरवा ग्राम पंचायत में बुधवार शाम हुई दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुराने विवाद के चलते आरोपियों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अब इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुराने विवाद के चलते आरोपियों ने एक घर में घुसकर तलवार और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग महिला मुराद बी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। घायलों में रेहाना बेगम, शहनाज बेगम, शेख सूहान, परी परवीन, अलीशा परवीन, आहिस्ता परवीन, सना परवीन और शेख सब्बीर शामिल हैं, जिनका इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी अचानक घर में घुसे और तलवार व चाकू से हमला शुरु कर दिया, हमले में महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया, सबसे ज्यादा वार बुजुर्ग महिला मुराद बी पर किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई..
एक दिन पहले भी हुआ था विवाद

परिजनों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी आरोपियों के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद परिवार के लोग शिकायत लेकर रतनपुर थाना पहुंचे थे.। लेकिन पुलिस ने राज्यपाल का रतनपुर दौरा की बात कह कर पीड़ित परिवार को थाने से चलता कर दिया। परिजनों के मुताबिक, उस समय क्षेत्र में राज्यपाल के दौरे की वजह से पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की और अगले दिन आने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया..
परिजनों का आरोप- अगर कार्रवाई होती तो बच जाती जान


घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि अगर पुलिस ने एक दिन पहले ही शिकायत पर कार्रवाई कर दी होती, तो आज यह खूनी वारदात नहीं होती और बुजुर्ग महिला की जान बचाई जा सकती थी, इस आरोप के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं…
पुरानी रंजिश बनी वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमले के पीछे पुराना आपसी विवाद ही मुख्य कारण है। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। वही सूत्रों का दावा है कि अवैध संबंध की वजह से हमलावरों ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया है। मिलीं जानकारी के अनुसार आरोपियों ने इस खूनी वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथ 4 तलवार और एक कुल्हाड़ी भी रखी हुई थी और इन्हीं हथियार से परिवार पर हिंसक हमला किया है।

आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण
बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी खुद ही थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिए। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। आरोपी पिता सुरेश श्रीवास और उनके दो बेटे सुमित और नैतिक बताए जा रहे है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ के बाद ही खूनी रंजिश की असली वजह स्पष्ट होने की बात पुलिस विभाग कह रहा है। घटना के बाद पेंडरवा गांव में दहशत और तनाव का माहौल है। हालत की देखते हुए बिलासपुर एस एसपी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का जायजा लेकर इस मामले की जांच में जुट हुए है साथ ही रतनपुर पुलिस मौके पर मौजूद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।रतनपुर की इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को गहरा आघात दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और पुलिस की तत्परता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। वही राज्यपाल के दौरे के दिन हुई इस हिंसा के बाद एक बार फिर न्यायधानी की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

