

बिलासपुर। खमतराई स्थित शिवा विहार कॉलोनी में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। करीब 50 एकड़ क्षेत्र में बिना अनुमति प्लॉट काटकर किए जा रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया गया। निगम की भवन शाखा की टीम ने मौके पर पहुंचकर 30 से अधिक बाउंड्रीवाल, अवैध सीसी सड़कें और प्लिंथ लेवल तक बने लगभग 50 निर्माणों को जेसीबी से गिरा दिया।
कार्रवाई के दौरान 18 ऐसे मकानों को नहीं तोड़ा गया, जिनमें लोग निवास कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इन मामलों में अलग से वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि शिवा विहार में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग की शिकायत मिल रही थी। जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में बनाई गई सीसी सड़क, नाली और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया है।
भूमाफियाओं की चालाकी, रिकॉर्ड में नहीं मिला नाम
जांच में यह भी सामने आया कि भूमाफियाओं ने जमीन खरीदने के बाद उसे अपने नाम पर रजिस्ट्री कराने के बजाय सीधे खरीदारों के नाम पर रजिस्ट्री करवा दी। इस कारण मौके पर किसी भी डेवलपर या भूमाफिया का स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिल पाया। निगम अधिकारियों का कहना है कि पहले भी यहां कार्रवाई की जा चुकी है, इसके बावजूद अवैध प्लॉटिंग जारी थी।
25 खसरा नंबरों की जमीन पर 300 से अधिक प्लॉट
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शिवा विहार क्षेत्र में 25 से अधिक खसरा नंबरों की जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर प्लॉट तैयार किए गए। खसरा नंबर 256/1 से 421/2 तक की जमीन का कुल रकबा लगभग 1.15 हेक्टेयर (करीब 2.8 एकड़) बताया गया है। कई जगहों पर जमीन को 8, 10, 12, 18, 24 और 32 हिस्सों में विभाजित किया गया, जबकि कुछ खसरों में 30 से अधिक टुकड़ों में बटांकन दर्ज है।
अनुमान है कि इस क्षेत्र में 300 से अधिक प्लॉट बेचे जा चुके हैं। राजस्व रिकॉर्ड में नरेन्द्र पटेल, धर्मेन्द्र पटेल, लोकेश पटेल, इंदेश्वरी पटेल, विजय विश्वकर्मा, ईश्वरी यादव, राजेश कश्यप और देव प्रसाद कश्यप सहित कई लोगों के नाम दर्ज हैं।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी
