

बिलासपुर। शहर में इन दिनों सड़कों के बीच बनाए जा रहे ऊंचे और चौड़े डिवाइडरों को लेकर आम लोगों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि सड़क की चौड़ाई के अनुपात में डिवाइडरों का निर्माण नहीं किया जा रहा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने के साथ हादसों की आशंका भी बढ़ गई है।
देवकीनंदन चौक से संतोष भुवन चौक, दयालबंद, अग्रसेन चौक से बस स्टैंड मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर बनाए जा रहे डिवाइडरों की ऊंचाई 9 इंच से 15 इंच तक अलग-अलग है। कई स्थानों पर ये जरूरत से ज्यादा ऊंचे और चौड़े बनाए जा रहे हैं, जिससे पहले से संकरी सड़कें और सिमटती नजर आ रही हैं। दयालबंद की करीब 60 फीट चौड़ी सड़क, जहां पहले से डिवाइडर मौजूद था, वहां भी पुराने डिवाइडर को तोड़कर नए निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है।

नेहरू चौक से दरीघाट तक 32 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क में भी कंपनी गार्डन के सामने डिवाइडर की ऊंचाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विरोध के बाद अधिकारियों ने ऊंचाई कम करने की बात कही है, लेकिन इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं—पहले निर्माण, फिर तोड़फोड़ और दोबारा निर्माण से सरकारी खर्च बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अग्रसेन चौक से बस स्टैंड तक की सड़क, जो पहले ही संकरी है, वहां भी डिवाइडर बनाए जा रहे हैं। डिवाइडर बनने के बाद सड़क की चौड़ाई घटकर करीब 30 फीट रह जाएगी, जिसमें दोनों ओर नालियां भी हैं। यह मार्ग भारी यातायात वाला है, ऐसे में आने वाले समय में जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पतले और कम ऊंचाई वाले डिवाइडर होने से पैदल राहगीर आसानी से सड़क पार कर लेते थे, लेकिन अब उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे चौक-चौराहों पर जाम की स्थिति बनने लगी है। साथ ही, वाहनों के ओवरटेक करने में भी दिक्कत हो रही है, जिससे टक्कर की आशंका बढ़ गई है।
देवकीनंदन चौक से संतोष भुवन तक बनाए जा रहे ऊंचे डिवाइडरों के कारण डबरीपारा मार्ग भी आंशिक रूप से बाधित हो गया है। यह शहर का पुराना मार्ग है, जहां से अक्सर सामाजिक और धार्मिक शोभायात्राएं निकलती हैं।

व्यापारी संघ के महामंत्री अनिल तिवारी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। उनका कहना है कि इस तरह के निर्माण से व्यापार प्रभावित होगा और आम जनता की परेशानी बढ़ेगी।
लोगों का आरोप है कि बिना ठोस जरूरत के डिवाइडरों का निर्माण कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में अब प्रशासन से मांग की जा रही है कि सड़क की चौड़ाई और ट्रैफिक के अनुरूप ही निर्माण कार्य किया जाए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रह
