रतनपुर महामाया मंदिर परिसर में आस्था के साथ खिलवाड़ की शिकायत, हिन्दू संगठनों ने ट्रस्ट से मिलकर जताई आपत्ति

शशि मिश्रा

रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर हिंदू आस्था का बड़ा केंद्र है। आरोप है कि इसी आस्था के साथ मंदिर प्रबंधन, खासकर अध्यक्ष के द्वारा खुलकर खिलवाड़ किया जा रहा है, जिस कारण यहां तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है । इसे लेकर हिंदू संगठनों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए शिकायत की है।

रतनपुर महामाया मंदिर परिसर में प्रवेश मार्ग पर शेड के नीचे दोनों और कतार से फूल, पूजन सामग्री, प्रसाद आदि की दुकानें हैं ,जहां से देवी भक्त श्रद्धा भक्ति के साथ प्रसाद खरीदते हैं, जिन्हें इस बात की जरा भी जानकारी नहीं होती कि वे अनजाने में किसी विधर्मी से सामान खरीद कर देवी को अर्पित कर रहे हैं । इस तरह से एक तरफ जहां उनकी भावना के साथ खिलवाड़ हो रहा है वही कई और कारण है जिस कारण यहां तनाव की स्थिति है।

दरअसल बरसों पहले 2 डिसमिल जमीन दान करने के एवज में किसी पटेल को यहां दुकान आवंटित की गई थी, जिसने एक मुस्लिम महिला से विवाह किया था। पटेल की मृत्यु हो जाने पर उस दुकान का संचालन वही रेहाना खान करने लगी। फूल, पूजन सामग्री आदि बेचते हुए अचानक रेहाना खान ने दुकान का नाम ही रेहाना प्रसाद भंडार कर दिया।

इतना ही नहीं , आरोप है कि इसी मंदिर परिसर में अवैध रूप से कुछ मुस्लिम परिवारों द्वारा तीन अन्य दुकानों पर भी काबिज होकर प्रसाद का विक्रय किया जा रहा है।

अधिकांश लोग अनजाने में यहीं से प्रसाद खरीदते हैं लेकिन असली समस्या तो यह है कि यह लोग अपनी आदत के अनुसार यहां अक्सर ग्राहकों और अन्य दुकानदारों से मारपीट, गाली- गलौज करते रहते हैं, जिससे यहां कानून व्यवस्था बिगड़ती है, जिसका हिंदू संगठनों ने विरोध किया है।

विरोध करने वालों ने कहा कि उनके आस्था के केंद्र महामाया मंदिर परिसर में ख्वाजा गरीब नवाज के नाम पर प्रसाद दुकान संचालित किया जा रहा है । ऐसा कर हिंदुओं को चिढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया की क्या ऐसा संभव है कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में कोई मां महामाया के नाम से प्रसाद दुकान का संचालन करें ? अगर यह संभव नहीं है तो फिर हिंदू मंदिरों में ही ऐसा सेकुलरिज्म क्यों ?


विरोध कर रहे लोगों ने स्थानीय नागरिकों के साथ महामाया मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियो से मिलकर सच की जानकारी दी और इस पर आपत्ति जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

फौरी तौर पर मंदिर ट्रस्ट के साथ बातचीत के बाद रेहाना प्रसाद भंडार का नाम बदलकर मां महामाया फ्लावर जरूर कर दिया गया है लेकिन यह कोई समाधान नहीं है क्योंकि इस तरह से लोग अनजाने में यहां से खरीदारी करेंगे। वहीं हिंदू संगठनों का ने कहा कि एक समय अवधि तक अगर इस विषय में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो फिर इसे लेकर गंभीर कदम उठाए जाएंगे। संगठनों का आरोप है कि मंदिर की बागडोर एक कांग्रेसी नेता के हाथ में है जो अपनी पार्टी लाइन पर चलकर इस तरह का प्रयोग महामाया मंदिर में करते हुए हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे यहां का माहौल बिगड़ रहा है। वहीं कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा यहां मारपीट गाली गलौज और झगड़ा फसाद कर शांति व्यवस्था भंग की जा रही है , जिन्हें कथित तौर पर मंदिर प्रबंधन का संरक्षण हासिल है, इन पर भी कार्यवाही करते हुए इन्हें मंदिर परिसर से हटाने की मांग की गई है।

इस संबंध में राकेश कुमार लोनिया, दीपक विजय ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज करते हुए कहा कि रतनपुर महामाया मंदिर में शिवा, रजक ,सफीक खान, अनीस मेमन और उसके साथियों द्वारा अक्सर मारपीट की जाती है। साथ ही हिंदुओं और बजरंग दल को वे गाली देते रहते हैं।

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