

बिलासपुर। “गौ रक्षा, गौ सेवा, गौ समर्पण” के संकल्प के साथ पिछले 23 वर्षों से घायल और असहाय गौमाता व नंदी की सेवा में जुटी संस्था बिलासपुर गौ सेवा धाम को आखिरकार अपना स्थायी ठिकाना मिल गया। शहर के समाजसेवी एवं गौ सेवक राम अवतार अग्रवाल ने गौ सेवा के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराई है, जिस पर भव्य गौ सेवा धाम के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया गया।
वर्षों का संघर्ष हुआ साकार
संस्था पिछले 23 वर्षों से गौमाता के उपचार और सेवा के लिए समर्पित रही है। इस दौरान भूमि की मांग को लेकर शासन-प्रशासन से लगातार प्रयास किए गए। दिल्ली और रायपुर तक पदयात्राएं, कई आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाए गए, लेकिन स्थायी भूमि नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में राम अवतार अग्रवाल द्वारा भूमि दान किए जाने से संस्था की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई।
भूमिपूजन के साथ सेवा का नया अध्याय
भूमिपूजन कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गौमाता का पूजन एवं आरती की गई। इस दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने प्रसाद वितरण कर अपनी खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौ सेवक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

गौ सेवा का संदेश और आह्वान
इस अवसर पर राम अवतार अग्रवाल ने कहा कि “गौ माता हमारे जीवन के सोलह संस्कारों से जुड़ी हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक हर महत्वपूर्ण अवसर पर गौमाता का महत्व है। यदि हम अपने जीवनकाल में गौ सेवा करते हैं, तो यह सबसे बड़ा पुण्य है और इससे परिवार की भी रक्षा होती है।”
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे भी गौ सेवा से जुड़कर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें।
संस्था के सदस्य विपुल शर्मा ने कहा कि “बिलासपुर की धरती पर आज भी दानवीरों की परंपरा जीवित है। राम अवतार अग्रवाल जैसे दानवीर ने अपना जीवन सेवा को समर्पित कर एक मिसाल पेश की है। हम सभी गौ सेवक उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।”
आधुनिक गौ सेवा धाम का लक्ष्य
समिति ने बताया कि आने वाले समय में इस भूमि पर एक विशाल और आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौ सेवा धाम विकसित किया जाएगा, जहां घायल और बीमार गौमाता के लिए बेहतर चिकित्सा और देखभाल की व्यवस्था होगी।

संस्था ने बिलासपुरवासियों से अपील की है कि वे तन, मन और धन से इस अभियान से जुड़ें, ताकि सामूहिक प्रयास से गौ सेवा का यह संकल्प और मजबूत हो सके।
बड़ी संख्या में सदस्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समिति के अनेक सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें नरेंद्र यादव, संतोष शर्मा, संजय साहू, पुष्पदंत शर्मा, पवन शर्मा, उज्ज्वल भट्टाचार्य, आचार्य सचिन, गोपाल कृष्ण रामानुजदास, विकास शर्मा, शत्रुघ्न यादव, आशीष त्रिपाठी, विशु साहू, रवि पटेल, कान्हा यादव, आशीष यादव, गोपाल मजूमदार, शिवांश पांडेय, शुभम, सुनीता साहू, आशीष खंडेलवाल, हिमांशु गुप्ता, अंकुश शर्मा, किरण यादव, संतोषी शर्मा, रेखा, अभय, स्मृति, अरुणिमा मिश्रा, स्नेहा, श्रुति, गोविंद राय, अभिषेक ठाकुर, प्रिंस वर्मा, अनोखे शुक्ला, कोरी जी, विनय शर्मा, गौरव, शुभम शुक्ला और जितेंद्र लकड़ा सहित बड़ी संख्या में गौ सेवक उपस्थित रहे।
इस पहल ने न केवल गौ सेवा के क्षेत्र में एक नई दिशा दी है, बल्कि समाज में सेवा, दान और करुणा की भावना को भी मजबूत किया है।
