

बिलासपुर जिले में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग) के लिए मई माह में सर्वे कराया जाएगा, जिसके लिए 8 से 24 अप्रैल तक करीब 7500 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, सर्वे कार्य को इस बार पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कर्मचारियों को मोबाइल एप के माध्यम से डेटा एकत्र करने, भरने और सबमिट करने की प्रक्रिया सिखाई जाएगी। साथ ही उन्हें यह भी प्रशिक्षण दिया जाएगा कि घर-घर जाकर पूछे जाने वाले सवालों के दौरान किसी प्रकार का विवाद न हो और संवाद सहज बना रहे।
जानकारी के मुताबिक, मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पहले ही रायपुर में पूरा हो चुका है। अब 23 से 29 मार्च तक जिले में 71 फील्ड ट्रेनरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ये ट्रेनर 1 मई से 30 मई के बीच सर्वे के लिए तैनात कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
सर्वे के दौरान प्रगणकों को प्रत्येक घर के मुखिया से 33 सवाल पूछने होंगे। इसलिए प्रशिक्षण में संवाद कौशल और सही तरीके से प्रश्न पूछने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हर प्रगणक को औसतन 120 से 150 मकानों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
डिजिटल सिस्टम के जरिए सर्वे डेटा सीधे ऑनलाइन दर्ज होगा और इसकी रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। हर एंट्री के साथ समय और लोकेशन रिकॉर्ड होगी, जिससे फील्ड में ही सर्वे होने की पुष्टि हो सकेगी। यदि एक ही स्थान से अधिक एंट्री या असामान्य गति से डेटा भरा जाता है, तो सिस्टम स्वतः अलर्ट जारी करेगा।
प्रशासन ने बताया कि सर्वे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फील्ड निरीक्षण और बैक-चेक की व्यवस्था भी की गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी पहले ही तय कर दी गई है और प्रशिक्षण तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है।
सहायक जनगणना अधिकारी झील जायसवाल के अनुसार, दूसरे और तीसरे चरण के प्रशिक्षण की तैयारियां विभाग द्वारा जारी हैं।
