

बिलासपुर। चकरभाठा स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। मौजूदा विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त होने वाला है, लेकिन अब तक समर शेड्यूल जारी नहीं होने से यात्रियों और जनप्रतिनिधियों में चिंता बढ़ गई है।
आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां हर छह महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती हैं, लेकिन इस बार तय समय के करीब पहुंचने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है। एलायंस एयर द्वारा संचालित उड़ानों में कटौती और रूट परिवर्तन की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि रीवा (मध्यप्रदेश) रूट पर अधिक वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) मिलने से एयरलाइन का झुकाव उस दिशा में बढ़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की योजना भी सामने आई है। पहले ही सप्ताह में छह दिन चलने वाली उड़ानों को घटाकर चार दिन कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ी है।
इस संबंध में एलायंस एयर के मैनेजर प्रसन्न सोनी का कहना है कि समर शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी होगा और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-कौन सी उड़ानें जारी रहेंगी।
इधर, हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने 28 मार्च के बाद उड़ानों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। समिति का कहना है कि विंटर शेड्यूल में दिल्ली के लिए केवल तीन दिन उड़ान संचालित हो रही थी और समर शेड्यूल में प्रयागराज रूट में भी कटौती का प्रस्ताव था, जिसका विरोध किया गया था।
मामले को लेकर तोखन साहू और अरुण साव से हस्तक्षेप की मांग की गई है। शनिवार को समिति का धरना जारी रहा, जिसमें पूर्व महापौर सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए।
उड़ानों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
