

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने फैक्ट्री मालिकों और संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में सिरगिट्टी, बिल्हा, तिफरा, सिलपहरी और कोनी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताते हुए सभी उद्योग संचालकों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, ग्लव्स, सुरक्षा जूते और रेडियम जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
इसके अलावा, कर्मचारियों द्वारा शराब सेवन कर कार्यस्थल पर आने की रोकथाम के लिए ब्रीथ एनालाइजर मशीन लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, अनुशासनहीनता और अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी फैक्ट्री परिसरों के अंदर, बाहर और मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए। हाल के दिनों में बढ़ी आगजनी की घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक उद्योग में फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य रूप से लगाने और नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में हरीश केडिया (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ), सतीश कुमार शाह (अध्यक्ष, जिला उद्योग संघ), जितेन्द्र गांधी (उपाध्यक्ष, जिला उद्योग संघ) सहित कई उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह भी बैठक में शामिल हुए।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है।
