

बिलासपुर, 5 मई 2026। तखतपुर विकासखंड के ग्राम देवरी कला में कथित रूप से जनगणना कार्य के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर हमले की खबरों को पुलिस ने भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया है। कुछ स्थानीय न्यूज पोर्टलों में प्रकाशित खबरों में दावा किया गया था कि सर्वे के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षक और कोटवार पर हमला किया तथा इसे सरकारी कार्य में बाधा बताया गया।
हालांकि, इस मामले में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट की और संबंधित समाचारों का खंडन किया। उन्होंने मीडिया संस्थानों को तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर प्रकाशित करने की सख्त हिदायत दी।
पुलिस के अनुसार, वास्तविक घटना जनगणना कार्य से जुड़ी नहीं है। करीब 18-20 दिन पूर्व गांव में घरों की नंबरिंग की गई थी, जिसमें पूर्व सरपंच के एक रिश्तेदार के मकान को एक ही नंबर दिया गया था। इस पर पूर्व सरपंच ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उस मकान को दो अलग-अलग नंबर दिए जाने चाहिए थे।
इसी विवाद को लेकर 5 मई को गांव में कोटवार नकुल दास और पूर्व सरपंच के बेटे व भतीजे के बीच कहासुनी हो गई, जो आगे बढ़कर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह एक स्थानीय विवाद था, जिसे जनगणना कार्य के दौरान हमला बताना भ्रामक है।
एसएसपी ने कहा कि इस तरह की अपुष्ट खबरें न केवल भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को लेकर अनावश्यक भय भी उत्पन्न करती हैं। उन्होंने मीडिया से जिम्मेदारीपूर्वक रिपोर्टिंग करने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने की अपील की है।
पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
