
शशि मिश्रा

छत्तीसगढ़ में हाल ही में सदन में प्रस्तुत एवं पारित किए गए “धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026” को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में “भगवा ब्रिगेड” संगठन ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए इसे प्रदेश हित में आवश्यक कदम बताया है।
संगठन के संस्थापक राम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के इस निर्णय की सराहना की और मुख्यमंत्री को बधाई दी। साथ ही राज्यपाल से अनुरोध किया गया कि इस विधेयक को शीघ्र राष्ट्रपति की स्वीकृति दिलाई जाए, ताकि इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

राम सिंह ठाकुर ने कहा कि यह कानून प्रदेश में अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर रोक लगाने में सहायक होगा और इससे सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न तरीकों से लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए कड़े कानून की आवश्यकता थी।
संगठन के सदस्यों ने “लव जिहाद” जैसे मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान जरूरी हैं। हालांकि, इस विषय पर विभिन्न पक्षों के अलग-अलग मत भी सामने आते रहे हैं और इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।
भगवा ब्रिगेड के अनुसार, संगठन लंबे समय से धर्मांतरण के विरुद्ध जागरूकता अभियान चला रहा है और कई मामलों में लोगों को जागरूक कर हस्तक्षेप किया गया है। संगठन ने दावा किया कि उनके प्रयासों से कई परिवारों को धर्म परिवर्तन से रोका गया है।

उल्लेखनीय है कि “धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026” का उद्देश्य जबरन, प्रलोभन या धोखे से किए जाने वाले धर्मांतरण को नियंत्रित करना बताया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून सभी धर्मों के लोगों की स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है।
ठाकुर राम सिंह ने कहा कि भगवा ब्रिगेड इस कानून के लागू हो जाने के बाद और उत्साह के साथ धरातल पर कार्य करेगा ।वही पुलिस को सूचना देकर ऐसे तत्त्वों को सजा दिलाने में मदद करेगा।
